बोल–सुन नहीं सकती, फिर भी 10वीं में टॉप… मुस्कान भारती बनी मिसाल…

Chautha Sthambh

by admin 29 January 2026

छिन्दवाड़ा(चौथा स्तंभ) छिंदवाड़ा के जूनापानी गांव की मुस्कान भारती ना तो बोल पाती है और ना ही सुन पाती है लेकिन भगवान ने उसे ऐसी ताकत दी है जिसकी वजह से वह सामान्य लोगों को कोसों पीछे छोड़ देती है आईए जानते हैं मुस्कान भारती की कहानी।

सामान्य बच्चों के साथ पढ़कर टॉप करती है मुस्कान।

मुस्कान भारती बिजोरी के सरकारी स्कूल में पढ़ती है अपने गांव से हर दिन करीब 6 किलोमीटर पैदल सफर तय करने के बाद सामान्य बच्चों को ही पीछे छोड़ देती है पढ़ाई से लेकर सांस्कृतिक गतिविधियों में मुस्कान का कोई मुकाबला भी नहीं कर पाता मुस्कान भारती के प्रिंसिपल दुपारी बताते हैं कि वह आम बच्चों के साथ ही क्लास में बैठी है और शिक्षक पढ़ाई करते हैं मुस्कान टीचर की होठों के एक्सप्रेशन और बताने के तरीके से ही पढ़ाई को समझ लेती है। मुस्कान इसके अलावा डांस खेलकूद और अंगतिविधियों में भी हमेशा आगे रहती है।

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  • 11वीं में पढ़ती है मुस्कान एग्रीकल्चर सब्जेक्ट 10th में किया था टॉप।

    मुस्कान की स्कूल के प्रिंसिपल विशाल दुफारे ने बताया की बेटी असाधारण प्रतिभा की धनी है वह बोल सुन नहीं सकती लेकिन पढ़ लेती है इसलिए हम उस पर विशेष ध्यान देते हैं और जो भी परीक्षा के लिए तैयारी करना होता है उसे लिख कर देते हैं उसके बाद वह उसे याद करती है और उसके रिवीजन के लिए हम ब्लैक बोर्ड में वह लिखवा कर देखते हैं वह बाकायदा उसे लिख देती है मुस्कान फिलहाल 11वीं क्लास में कृषि संकाय की छात्रा है 10th में फर्स्ट क्लास में पास किया था।

    तीनों भाई बहन बोल और सुन नहीं सकते।

    मुस्कान के पिता अतरलाल भारती ने बताया कि वो मजदूरी करते हैं उनकी दो बेटी और एक बेटा है और तीनों बोल और सुन नहीं सकते मुस्कान ने हालांकि चौथी कक्षा तक छिंदवाड़ा के एक मूक बधिर स्कूल में पढ़ाई की थी उनकी दूसरी बेटी ईशा भारती है वह बिजोरी स्कूल में ही दसवीं क्लास में पढ़ती है बेटा नागपुर के एक मूक बधिर स्कूल में पढ़ रहा है। सामान्य बच्चों के साथ पढ़ाने में पहले उन्हें दिक्कत तो हुई थी लेकिन शिक्षकों की मदद से अब उनकी बेटी सामान्य बच्चों की तरह आसानी से पढ़ लेती है खास बात यह है कि जब कोई खास मेहमान स्कूल या कहीं पर आते हैं तो स्कूलों की तरफ से सांस्कृतिक कार्यक्रम में मुस्कान सबसे आगे रहती है।

    होठों के इशारे और चेहरे को पढ़ लेते हैं ऐसे लोग।

    सामाजिक न्याय और निशक्त विभाग के मोबिलिटी इंस्ट्रक्टर सुरेश यादव ने बताया कि इंसानों के शरीर में अगर भगवान कोई कमी देता है तो उन्हें दूसरी चीज बहुत ज्यादा पावरफुल देता है ऐसे बच्चों के साथ ऐसा ही होता है मुस्कान भारती को भी स्कूल में जब टीचर पढ़ाते होंगे तो उनके होठों के इशारे और चेहरे के एक्सप्रेशन से समझ जाती होगी कि क्या पढ़ाई की जा रही है और नोट्स से पढ़ कर याद कर लेती होगी जैसे हम कई बार मन में कुछ चीज सोचते हैं और वह हमारी नजरों के सामने दिखाई देता है कुछ ऐसा ही इन बच्चों के साथ भी होता है कि वह अपने मन में विचार करते हैं और वह भले ही वह बोल ना सके लेकिन उसे लिख सकते हैं।

    मुस्कान भारती की यह सफलता न केवल दिव्यांग बच्चों के लिए, बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणास्रोत है।

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