रेत माफिया वनों का सीना कर रहे छलनी…
प्रतिदिन बड़ी मात्रा में ट्रैक्टर ट्रालियों से हो रहा रेत का अवैध परिवहन…
छिंदवाड़ा(चौथा स्तंभ) जिलें के बिछुआ वनपरिक्षेत्र से सागौन की लकडिय़ों की अवैध कटाई और परिवहन के बाद अब जंगलो से रेत निकालकर बेचने का कारोबार भी तेजी से बढ़ रहा है। जंगलो से निकलने वाली रेत से जमकर काली कमाई की जा रही है। वन विभाग के अधिकारियों की नाक के नीचे से रेत माफिया रेत से भरी ट्रालियों का परिवहन कर रहे हैं। इन पर रोकटोक करने वाला कोई नहीं है। ऐसे में जंगलो से रेत निकालकर अवैध कारोबार करने वालों के हौसले बुलंद है।
रात में निकलते है नदियों से रेत…
छिंदवाड़ा पूर्व वनपरिक्षेत्र के जाखावाडी जाँच चौकी के समाने से प्रतिदिन
ट्रैक्टर ट्रालियों को रेत से भरवाकर बाजार में विक्रय किया जा रहा है। ऐसा मामला इन दिनों पूर्व वन परिक्षेत्र बिछुआ के जंगल क्षेत्र से प्रतिदिन रेत से भरी कई ट्रालियां निकल रही हैं। इन पर रोकटोक नहीं होने से वन संपदा का खुलेआम दोहन हो रहा है। वन विभाग के अधिकारी भी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। खनन माफिया बेखौफ जंगल में घुसकर रेत का अवैध खनन और परिवहन कर रहे हैं, जिन पर अंकुश लगाने किसी ने सुध नहीं ली है।
सत्ताधारी नेता और रेत माफिया की मिलीभगत से चल रहा बड़ा खेल….
इन दिनों पूर्व वनक्षेत्र बिछुआ और जाखावाडी क्षेत्र की खदवोली वनपरिक्षेत्र की नादियों से रात के अंधेर में रेत की चोरी की जा रही है और रात में नदियों से रेत निकाल कर डंप की जाती है और सुबह-सुबह रेत का परिवहन ट्रैक्टर के द्वारा किया जाता है और यह ट्रैक्टर जाखावाड़ी चौकी से निकलते है और जाँच चौकी में पदस्थ नाकेदार से मिलीभगत से ये खेल चल रहा है और इस काम में लोकल के सत्ताधारी नेता और रेतमाफिया वन विभाग के अधिकारी के साथ मिलीभगत कर ये खेल चल रहा है..!
पूर्व वन परिक्षेत्र जाखावाडी में रेत माफिया वन संपदा को लूट रहे है। और वन विभाग के अधिकारी यदि कार्यवाही करते हैं तो रेत माफिया के इतने हौसले बुलंद है कि वो ट्रैक्टर वन विभाग के अधिकारी पर चढ़ने से भी नहीं डरते है। सूत्रों की जानकारी के अनुसार विगत दिनों पहले भी ऐसी धटना हो चूकि है जब एक रेत माफिया ने जाँच चौकी में पदस्थ नाकेदार के ऊपर ट्रैक्टर चढ़ाने की कोशिश किया था, और इसके बाद जांच चौकी से ट्रैक्टर लेकर भाग गया था…वाहन मालिक ने नाकेदार के साथ घक्का देकर गाडी लेकर एंव रेत खाली कर भाग निकला,

पूर्व वनपरिक्षे जाखावाडी के खदवोली के जंगलो की नादियों में रेत बड़ी मात्रा में है, जिसका उपयोग भवन, सड़क व अन्य निर्माण कार्य के लिए किया जाता है। यहां की रेत महंगी कीमतों पर दूर ग्रामीण अंचलो तक पहुंचाई जा रही है। यही नहीं शासकीय निर्माण कार्यों के लिए भी इस रेत का उपयेाग किया जा रहा है। जिसे रेत का अवैध कारोबार करने वाले परिवहनकर्ताओं ने शासकीय कार्य करने वाले ठेकेदारो को यह रेत उपलब्ध कराई जाती है। इस प्रकार वन संपदा का दुरुपयोग अवैध कमाई के लिए किया जा रहा है।
खतरे में वनों का अस्तित्व…
जंगलों से रेत निकालकर बेचने से जंगलों का अस्तित्व खतरे में आ गया है। वन भूमि से रेत निकालने के लिए जगह-जगह जंगलों में खाइयां बन गई हैं। इससे पेड़-पौधो को क्षति पहुंच रही है। खुदाई के दौरान कई पेड़ जड़ों के कट जाने से सूख रहे हैं। वहीं ट्रैक्टर ट्रालियों के आवागमन से भी वन संपदा प्रभावित हो रहे है। वन विभाग द्वारा बीट प्रभारियों और चौकी के माध्यम से जंगल और पेड़ों के संरक्षण की बात कही जाती है, लेकिन इस प्रकार की गतिविधियां वन विभाग के कर्मचारियों की भूमिका पर सवाल उठा रही हैं।

