राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के परिनियमों के अंतर्गत संविदा डॉक्टर की सेवा समाप्ति हेतु कारण बताओ नोटिस जारी…
छिंदवाड़ा (चौथा स्तंभ) मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिला अस्पताल में पदस्थ एक डॉक्टर का विवादित बयान देते हुए वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुआ था, जिसमें डॉक्टर दो छात्रों को यह बोलते देख रहे है कि डॉक्टर बनकर क्या करोगे चरस,गांजा की तस्करी करो, माफिया बनो जिससे अच्छा पैसा कमाओगे.., जिसका वीडियो सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद जिला प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए एक जाँच टीम बनाई गई थी,
मुख्य चिकित्सा एंव स्वास्थ्य अधिकारी छिदंवाडा के माध्यम से प्राप्त जॉच प्रतिवेदन दिंनाक 25/09/2025
मुख्य चिकित्सा एंव स्वास्थ्य अधिकारी छिदंवाडा के माध्यम से प्राप्त संदर्भित जॉच प्रतिवेदन अनुसार, आपके विरुद्ध समाचार पत्रों एवं सोशल मीडिया पर प्रकाशित विवादित खबर की जाँच, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा गठित तीन सदस्यीय जाँच समिति की रिपोर्ट (दिनांक 25/09/2025) के आधार पर, निम्नलिखित कृत्य प्रकाश में आए हैं:-


1-कदाचरण (Misconduct) एवं पदीय गरिमा के विरुद्ध आचरणः-
दिनांक 18/09/2025 को रात्रि लगभग 11.00 बजे ड्यूटी के दौरान, (श्री अनिल इवनाती एवं श्री अरविंद धुर्वे) से वार्तालाप करते हुए आपने यह कथन दिया “डॉक्टर बनकर क्या करोगें यदि चरस, गांजा की चोरी करोगें तो माफिया बनो डॉक्टर बनकर क्या करोंगे”।
2-घोर लापरवाही एवं प्रशासन की छवि को क्षति:-
आपका उक्त कथन एक चिकित्सा अधिकारी के रूप में आपके पद की गरिमा के सर्वथा विरुद्ध है। आपके इन आपत्तिजनक बयानों के कारण जिला चिकित्सालय एवं जिला प्रशासन की छवि धूमिल हुई और इस मामले ने व्यापक जन असंतोष उत्पन्न किया। आपका यह कृत्य सेवा के प्रति लापरवाही एवं प्रशासकीय छवि को गंभीर क्षति पहुँचाता है।
3-आपके उपरोक्त कृत्य राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, मध्य प्रदेश, भोपाल के परिपत्र दिनांक 27 फरवरी 2025 में निहित संविदा सेवा शर्तों की कंडिका 124.2 (कदाचरण) का स्पष्ट उल्लंघन है। कंडिका 12.4.2 के अनुसार, संविदा कर्मचारी का ऐसा कोई भी कृत्य जो शासकीय सेवा की गरिमा के प्रतिकूल हो, कदाचरण (Misconduct) माना जाएगा।
4-अतः, आपके इस गंभीर कदाचरण और घोर लापरवाही के लिए, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन मध्यप्रदेश के नवीन संविदा मानव संसाधन मैनुअल-2025 के तहत, संविदा सेवा शर्तों के नियम 12.1.7 के अंतर्गत आपकी संविदा सेवाएँ समाप्त क्यों न की जाए? इस आशय का जवाब आप नोटिस प्राप्ति के 07 (सात) दिवस के भीतर इस कार्यालय में प्रस्तुत करें।
निर्धारित समय-सीमा के भीतर संतोषजनक जवाब प्राप्त न होने पर, यह मानते हुए कि आपको अपने बचाव में कुछ नहीं कहना है, आपके विरुद्ध नियम 12.1.7 के तहत संविदा सेवा समाप्ति की एक तरफा कार्यवाही प्रस्तावित की जाएगी।

