मक्का फसल को नहीं खरीदेगी की मध्यप्रदेश सरकार समर्थन मूल्य पर…
जनसंपर्क कार्यालय छिन्दवाड़ के द्वारा 12 सितंबर की खबर में किया संशोधित…
जनसंपर्क विभाग छिंदवाड़ा द्वारा गलत खबर की गई प्रसारित… किसान पहुंचे मक्का का पंजीयन करने..?
छिदंवाडा (चौथा स्तंभ ) छिदंवाडा जिले के जनसंपर्क विभाग द्वारा 12 सितंबर को सभी पत्रकारों के मेल पर एक खबर डाली गई थी जिसमें मध्य प्रदेश शासन खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के निर्देश अनुसार खरीफ विपणन वर्ष 2025 26 में समर्थन मूल्य प्रधान ज्वार एवं मक्का उपार्जन हेतु किसान पंजीयन 15 सितंबर से 10 अक्टूबर 2025 तक संचालित की जाएगी इस अवधि में जिले के किसान पंजीयन कर सकेंगे,
किसानों हेतु रहे पंजीयन के लिए परेशान…
लेकिन आज जनसंपर्क विभाग द्वारा खबर को संशोधित करते हुए दिनांक 15 सितंबर 2025 को जनसंपर्क विभाग द्वारा सभी पत्रकारों के मेल आईडी पर खबर का संशोधन करते हुए आज फिर नई खबर डाली गई है जिसमें उल्लेख किया गया है कि खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य पर धान, ज्वार एवं बाजरा उपार्जन हेतु किसान पंजीयन 15 सितंबर से हुआ शुरू, 10 अक्टूबर तक होगा पंजीयन…
मध्यप्रदेश शासन खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के निर्देशानुसार खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य पर धान, ज्वार एवं बाजरा उपार्जन हेतु किसान पंजीयन की प्रक्रिया 15 सितंबर से प्रारंभ हो चुकी है, जो 10 अक्टूबर 2025 तक संचालित की जाएगी। इस अवधि में जिले के किसान पंजीयन करा सकेंगे।
शासन द्वारा जारी निर्देशानुसार किसान स्वयं अपने मोबाइल से घर बैठे नि:शुल्क पंजीयन कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त ग्राम पंचायत कार्यालय, जनपद पंचायत कार्यालय, तहसील कार्यालय तथा सहकारी समितियों एवं सहकारी विपणन संस्थाओं द्वारा संचालित पंजीयन केन्द्रों पर भी नि:शुल्क पंजीयन की सुविधा उपलब्ध रहेगी। साथ ही एमपी किसान एप के माध्यम से भी पंजीयन किया जा सकेगा।
इसके अलावा एमपी ऑनलाइन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेंटर कियोस्क, लोक सेवा केन्द्र तथा निजी साइबर कैफे पर सशुल्क पंजीयन की व्यवस्था रहेगी। किसान पंजीयन से पूर्व अपने बैंक खाते को आधार से लिंक कराएं तथा आधार संख्या का प्रविष्टि कराएं। साथ ही गिरदावरी में दर्ज रकबा एवं फसल का मिलान किया जाएगा।
निर्देशानुसार संबंधित पंचायत एवं तहसील स्तर पर तकनीकी रूप से दक्ष कर्मचारी उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि पंजीयन कार्य में किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। पंजीयन कार्य करने वाले संचालकों को ई-उपार्जन पोर्टल पर पंजीयन हेतु आवेदन करने के निर्देश दिए गए हैं। शासन ने सभी संबंधित विभागों एवं अधिकारियों को निर्धारित कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं।...

