छात्रावास में छात्रों के साथ हो रहे अत्याचार अब नहीं सहेगा आदिवासी समाज…
जिला कांग्रेस आदिवासी विभाग व मप्र आदिवासी विकास परिषद ने अधीक्षक सुनील सोनी ने जो आदिवासी छात्रों के साथ मारपीट किया है उसका विरोध जताया..
आदिवासी कन्या शिक्षा परिसर, एकलव्य विद्यालय में भारी भ्रष्टाचार हो रहा है। छात्रावासों में भी बहुत अनियमितताएं है जिसको लेकर संयुक्त बैठक हुई साथ ही यह तय किया गया कि प्रत्येक ब्लॉक में भाजपा सरकार की तानाशाहीपूर्ण व अवैधानिक कार्रवाई के साथ ही बढ़ते भ्रष्टाचार के विरुद्ध विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
निर्दोष आदिवासी बच्चों को पीटने वाले पर नहीं हुई न्याय संगत कार्रवाई…
जिला कांग्रेस आदिवासी विभाग एवं मप्र आदिवासी विकास परिषद ने की थी पहल…
छिन्दवाड़ा चौथा स्तंभ:- जिला मुख्यालय पर जनजाति कार्य विभाग द्वारा संचालित सीनियर संयुक्त बालक छात्रावास में गत दिवस कैमरे तोड़ने के झूठे आरोप में छात्रावास अधीक्षक सुनील सोनी के द्वारा आदिवासी समाज के बच्चों को बेरहमी से पीटा गया था। इतना ही नहीं उन्हें भरी बरसात में छात्रावास से निकाला गया, वे भूखे प्यासे रहे, जिनकी मदद के लिए जिला कांग्रेस आदिवासी विभाग व मप्र आदिवासी विकास परिषद आगे आया और उनके हस्तक्षेप के उपरांत अधीक्षक को छात्रावास से तो हटा दिया किन्तु विभाग में ही जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह न्याय संगत कार्रवाई नहीं।

जिला कांग्रेस आदिवासी विभाग एवं मप्र आदिवासी विकास परिषद के बालाराम परतेती, अशोक उइके, संजय परतेती, दशरथ उइके, आशीष कुमरे, संतोष भारती, जुगराज पन्द्राम, दिलीप उइके, अविनाश पट्टा, अविनाश काकोड़िया, राजू वाडिवा, धन्नू धुर्वे, अतुल राजा उइके, वीर उइके, अर्जुन काकोडिया, धीपेन्द्र परानी सहित अन्य सामाजिक लोगों ने मांग की है कि अधीक्षक सुनील सोनी के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं की गई जिसका विरोध जिला कांग्रेस आदिवासी विभाग व मप्र आदिवासी विकास परिषद ने जताया है..

सहायक आयुक्त की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवाल..
भाजपा नेताओं के इशारे पर काम कर रहे सहायक आयुक्त…
छिंदवाड़ा जिले के जनजाति कर विभाग में पदस्थ सहायक आयुक्त इन दिनों भाजपा के नेताओं के इशारे पर काम कर रहे हैं, इसलिए
आदिवासी कन्या शिक्षा परिसर, एकलव्य विद्यालय में भारी भ्रष्टाचार हो रहा है। छात्रावासों में भी बहुत अनियमितताएं चल रही है…
सहायक आयुक्त ने भाजपा के नेताओं के कहने पर दिया छात्रावासों में मेश संचालन का ठेका….
जिलें के जनजाति विभाग द्वारा संचालित छात्रावास में इन दिनों खुलकर भ्रष्टाचार चल रहा है, जिलें में पदस्थ सहायक आयुक्त इन दिनों सत्ताधारी दल के नेताओं को छात्रावास भवन की मरम्मत, छात्रावासों में सामग्री सप्लाई का काम या फिर छात्रावास में मेश संचालन का काम भी इन दिनों सत्ताधारी दल के नेता कर रहे, जिसके कारण आदिवासी समाज के बच्चों को मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल रही हैं, इसका उदाहरण कुछ दिन पहले आदिवासी कन्या शिक्षा परिसर बिछुआ और एकलव्य आवासीय विद्यालय सिंगारदीप में भोजन में इल्ली निकलने के बात भी भोजन सप्लाई करने वाले ठेकेदार का टेंडर निरस्त नहीं किया गया था,इसका मुख्य कारण है कि यह काम सत्ताधारी दल के एक नेता जी यंहा पर मेश संचालन कर रहे हैं , शिकायत के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं हुई..
इन सभी बातों को लेकर संयुक्त बैठक में चर्चा हुई साथ ही यह तय किया गया कि इस तरह अब आदिवासी समाज के बच्चों पर अत्याचार नही होने दिया जाएगा. और जनजाति विभाग में चल रही अवैधानिक कार्रवाई के साथ ही बढ़ते भ्रष्टाचार के विरुद्ध विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।

