हर्रई के दबंग अधीक्षक, कई बार निलंबित होने के बाद आखिर कैसे हो जाता है बहाल…?
प्राथमिक शिक्षक कैलाश सूर्यवंशी फिर हुए निलंबित, कार्य मुक्त होने के बाद भी नहीं छोड़ रहा है पद…?
विभाग के उच्च अधिकारी के आदेश को ठेंगा देखा रहा अधीक्षक…
छिंदवाड़ा (चौथा स्तंभ ) इन दिनों जनजातीय विभाग में पदस्थ एक हर्रई छात्रावास अधीक्षक के चर्चा पूरे जिले में है कि आखिर इतने बार निलबिंत होने के बाद कैसे बहाल हो जाता है…?
जनजातीय विभाग को बना रखा है हाथ की कठपुतली…?
जी हाँ हम बात कर रहे है हर्रई विकासखंड में पदस्थ एक प्राथमिक शिक्षक कैलाश सूर्यवंशी ने जो विगत दस वर्ष से अधिक समय से छात्रावास में अधीक्षक बना बैठा है, उसने जनजाति विभाग को अपनी हाथ की कठपुतली बना रखा है इन महाशय को जंहा का अधीक्षक बना होता है बन जाते हैं और किसी कारण यदि निलंबित भी हो गए तो कुछ ही दिन में बहाल हो जाते हैं इसलिए कहना गलत नही होगा कि जनजाति विभाग भी इनके समाने अपना मस्तक टेकता है
प्रधानमंत्री जनमन योजना में लापरवाही करने के अधीक्षक कैलाश सूर्यवंशी निलंबित…

हर्रई के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत हर्रई के आदेश कमांक 1790 दिनांक 24.08.2024 द्वारा श्री कैलाश सूर्यवंशी अधीक्षक, (मूलपद सहायक शिक्षक) आदिवासी बालक छात्रावास सुरलाखापा की नियुक्ति पी०एम०जनमन योजना अंतर्गत समस्त प्रकार की जानकारी संकलित किये जाने हेतु रजिस्टर संधारित कर जानकारी वरिष्ट कार्यालय को प्रेषित किये जाने हेतु ग्राम प्रभारी के रूप में ग्राम चिलक विकासखंड हर्रई में लगाई गई है। श्री कैलाश सूर्यवंशी दिनांक 13.10.2024 को अद्योहस्ताक्षरकर्ता एवं विकासखंड शिक्षा अधिकारी हर्रई के संयुक्त निरीक्षण में अनुपस्थित पाये गये। साथ ही श्री कैलाश सूर्यवंशी के द्वारा ग्राम रजिस्टर का संधारण नहीं किया गया जिससे पी०एम० जनमन योजनाओं के संपूर्ण जानकारी संकलित नहीं हो पायी है। कार्यालय कलेक्टर छिन्दवाड़ा के आदेश कमांक / 6287/वि०लि०-1 (९)/2024 छिन्दवाड़ा दिनांक 12.10.2024 के द्वारा पी०एम० जनमन योजनाओं से जुडे जिले के समस्त विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के सभी प्रकार के अवकाश एवं मुख्यालय छोडने पर प्रतिबंध लगाया गया है। जिसके पश्चात भी श्री कैलाश सूर्यवंशी दिनांक 13.10.2024 को ग्राम सर्वे कार्य से अनुपस्थित पाये है। श्री सूर्यवंशी द्वारा ग्राम रजिस्टर का सधाारण नहीं किया गया जिससे पी०एम० जनमन योजना का लक्ष्य अपूर्ण है। श्री कैलाश सूर्यवंशी का कृत्य मध्य प्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1965 के विरूद्ध होकर कदाचरण की श्रेणी में आता है तथा पदीय दायित्वों के प्रति उदासीनता को प्रदर्शित करता है।
प्राथमिक शिक्षक कैलाश सूर्यवंशी फिर हुआ निलंबित

कैलाश सूर्यवंशी प्राथमिक शिक्षक को जनवरी 2001 के बाद तीन से अधिक जीवित संतान होने की शिकायत होने पर उन्हें कारण बताओं सूचना पत्र दिया जाकर उत्तर चाहा गया। श्री सूर्यवंशी द्वारा कारण बताओं सूचना पत्र का उत्तर प्रस्तुत नहीं किया गया। श्री सूर्यवंशी का उक्त कृत्य आदेशों की अव्हेलना एवं स्वेच्छाचारिता को प्रदर्शित करने के साथ-साथ भर्ती नियमों के विपरीत होकर मध्यप्रदेश सिविल सेवा (सेवा की सामान्य शर्ते) नियम 1961 एवं मध्य प्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम (एक) (दो) (तीन) के विपरीत होकर कदाचरण की श्रेणी में आता है।
निलंबन अवधि में श्री कैलाश सूर्यवंशी प्राथमिक शिक्षक का मुख्यालय विकास खंड शिक्षा अधिकारी जुन्नारदेव नियत किया जाता है।
निलंबन अवधि अतः श्री कैलाश सूर्यवंशी प्राथमिक शिक्षक कों नियमानुसार निलंबन भत्ते की पात्रता होगी।
निलंबन अवधि में श्री कैलाश सूर्यवंशी प्राथमिक शिक्षक का मुख्यालय विकास खंड शिक्षा अधिकारी जुन्नारदेव नियत किया जाता है। निलंबन अवधि अतः श्री कैलाश सूर्यवंशी प्राथमिक शिक्षक कों नियमानुसार निलंबन भत्ते की पात्रता होग

जनजाति कार्य विभाग छिंदवाड़ा के पत्र क्रमांक5877/स्था/जाकावि/2024 जिन्द छिन्दवाड़ा, दिनांक 14/11/2024 4996/शिका/जजाकावि/2024 छिन्दवाडा दिनांक 16.10.2024 द्वारा श्री कैलाश सूर्यवंशी कार्यालयीन आदेश क्रमांक अधीक्षक आदिवासी बालक छात्रावास सुरलाखापा विकास खंड हर्रई को कार्य के प्रति लापरवाही एवं उदासीनता बरतने के कारण निलंबित किया गया। श्री सूर्यवंशी द्वारा उक्त आदेश के विरुद्ध इस कायालय में अभ्यावेदन प्रस्तुत किया गया। श्री सूर्यवंशी द्वारा प्रस्तुत अभ्यावेदन से संतुष्ट होते हुए उन्हें निलंबन से बहाल किया जाकर प्राथमिक शाला कुण्डाली (मबई) में पदस्थ किया जाता है। इनके निलंबन अवधि को समस्त प्रयोजनों के लिये मान्य किया जाकर जांच प्रकरण समाप्त किया जाता है।


आदिवासी अंग्रेजी माध्यम बालक आश्रम हर्रई का एक और मामला….
अधीक्षक कैलाश सूर्यवंशी ने मेरिट को छोड़कर चेहते को दे दी नियुक्ति..
आदिवासी अंग्रेजी माध्यम बालक आश्रम शाला में अतिथि शिक्षकों की भर्ती में बरती गई अनियमितता-
जिले में आदिवासी अंचल हर्रई में अतिथि शिक्षकों की भर्ती में जमकर अनियमितता बरती गई है। यहां मेरिट में आने वाले अभ्यार्थियों को छोड़कर चेहते लोगो को नियुक्ति का लाभ दिला दिया गया है। जिसको लेकर प्रशासन तक शिकायत भी की जा रही है। तो वही साठगांठ करने का आरोप भी लगाया जा रहा है। मामला हर्रई के आदिवासी बालक आश्रम अंग्रेजी मीडियम का है। जहां 50 से कम बच्चो को दर्ज संख्या है। ऐसे में प्रधानपाठक को दो ही अतिथि शिक्षक रखने का अधिकार है। किन्तु प्रधानपाठक द्वारा तीन
अतिथि शिक्षकों को नियुक्ति कर दी गई। इतना ही नहीं स्कोर बोर्ड के हिसाब से श्रीमती अर्पिता उदेनिया और श्रीमती प्रीति वाडिवा की नियुक्ति करना बताया गया। तो वही श्रीमती संगोष्ठी घोषी की नियुक्ति दो वर्ष पूर्व से कार्यरत होने के आधार पर करना बताया गया है। लेकिन यहां आवेदन करने वाले कई
अभ्यर्थियों का स्कोर और अधिक रहा है। बावजूद इसके प्रधानपाठक द्वारा साठगांठ करते हुए चेहते अभ्यार्थियों को नियुक्ति का लाभप्रदान कर दिया गया। जिसके चलते पात्र अभ्यार्थियों में आक्रोश व्याप्त है। तो वही मामले की शिकायत प्रशासन के समक्ष भी दर्ज कराई जा रही है।
कैलाश चंद्र सूर्यवंशी जैसे शिक्षक कैसे आदिवासी बच्चों के भविष्य के साथ कैसे खिलवाड़ कर रहे हैं तो फिर कैसे हो सकता है इन आदिवासी बच्चों का भबिष्य उज्जवल,और जिले के जनजाति विभाग को कैसे अपने हाथ की कठपुतली बनाकर रखा है जिसके कारण जब चाहे जैसे चाहे उसे छात्रावास के अधीक्षक बना देता है और सूत्रों की जानकारी के अनुसार हर्रई ब्लॉक मैं संचारित छात्रावास में उनकी मर्जी के बगैर कोई अधीक्षक नहीं बनता है,
आदिवासी अंग्रेजी माध्यम बालक आश्रम शाला में दो अतिथि शिक्षक के पद की जगह राखे तीन अतिथि शिक्षक…?
हर्रई मुख्यालय में संचालित होने वाला आदिवासी अंग्रेजी माध्यम बालक आश्रम शाला हर्रई में अतिथि शिक्षक के दो पद होने के पश्चात हास्टल अधीक्षक कैलाश सूर्यवंशी के द्वारा तीन अतिथि शिक्षक की भर्ती की गयी तथा उच्च स्कोर कार्ड अभ्यार्थीयों की भर्ती न कर साठगाठ कर कम स्कोर कार्ड वाले अभ्यार्थी की भर्ती की गयी है।
आदिवासी बालक आश्रम शाला हर्रई में हॉस्टल अधीक्षक निलंबत होने के बाद भी स्कूल व छात्रावास में आकर सरकारी दस्तावेजो के साथ छेड़छाड कर रहे है। निलंबित होने के बाद भी आदेश की अवहेलना कर रहे है।
शिकायतकर्ता ने की जनजातीय विभाग के अधिकारी से अपील..
आदिवासी बालक आश्रम शाला हर्रई में स्थित है। आदिवासी बालक आश्रम शाला हर्रई में अतिथि शिक्षक के दो पद है, जहां विधायार्थीयों की संख्या २० से कम है, जिसमें हास्टल अधीक्षक कैलाश सूर्यवंशी द्वारा 50 विधायार्थी से कम होने के बाद भी स्कूल में अतिथि शिक्षक के दो पद होने के बावजूद भी तीन अतिथि शिक्षक की भर्ती की गयी है। आवेदिका श्रीमति मिथलेश शुक्ला जिनका स्कोर 168 है, इनका नाम चयन प्रकिया से अलग कर कम स्कोर वाले अभ्यार्थी की भर्ती की गयी है।
यह कि आदेश क0 4316/शिका०/जजाकवि/2025 सहायक आयुक्त जनजाति कार्य विभाग छिन्दवाड़ा द्वारा दिनांक-19/08/2025 को श्री कैलाश सूर्यवंशी को निलंबित कर दिया गया है, इनके द्वारा आदेश का पालन नही किया जा रहा है, लगातार कैलाश सूर्यवंशी आदिवासी बालक आश्रम शाला हर्रई में सरकारी दस्तावेज के साथ छेडछाड कर रहे है, तथा आदेश का पालन एवं आदेश अवहेलना करते हुए प्रतिदिन आदिवासी बालक आश्रम शाला हर्रई के हॉस्टल अधीक्षक के रूप में निलंबित होने के पश्चात भी कार्य कर रहे है।
विकासखंड शिक्षा अधिकारी ने कैलाश सूर्यवंशी को किया कार्य मुक्त…

ब्लॉक शिक्षा अधिकारी महोदय हर्रई के द्वारा हॉस्टल अधीक्षक कैलाश सूर्यवंशी के निलंबित होने के पश्चात भी किसी अन्य शासकीय कर्मचारी को हॉस्टल अधीक्षक का प्रभार नही दिया जा रहा है न ही पदस्थ कैलाश सूर्यवंशी को आदिवासी बालक आश्रम शाला हर्रई से हटाया जा रहा है।जबकि विकासखंड शिक्षा ने प्राथमिक शिक्षक कैलाश सूर्यवंशी को कर मुक्त कर दिया है..

