आदिवासी समाज के नाम पर लूट की प्रयोगशाला,, अदृश्य मरम्मत वाले छात्रावास, भवन, और बेखौफ अधिकारी!

Chautha Sthambh

आदिवासी समाज के नाम पर लूट की फैक्ट्री…. जनजातियों के नाम पर लूट की प्रयोगशाला …. अदृश्य मरम्मत वाले छात्रावास, भवन, और बेखौफ अधिकारी!


छिंदवाड़ा (चौथा- स्तंभ ) जिलें के सहायक आयुक्त कार्यालय छिंदवाड़ा अपने कार्यप्रणाली को लेकर आये दिन सुर्खियों में बना रहता है कभी संलग्नीकरण अटैच मेंट, भवन निर्माण कार्य,मरम्मत कार्य या फिर खरीदी को लेकर इस विभाग में भ्रष्टाचार चरम सीमा को पर कर चुका है पर दुर्भाग्य की ये जिला के सीधे साधे आदिवासी समाज और पिछडे होने के कारण कोई आवाज उठती नही है और जो उठती है उसे जिम्मेदारो के द्वारा लीपापोती कर दबा दी जाती हैं।..

देश जब डिजिटल इंडिया और स्मार्ट क्लास…

जंहा आज भारत देश में जब हम डिजिटल इंडिया और स्मार्ट क्लास की बात कर रहा है, लेकिन मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा में आज भी जनजातीय विभाग द्वारा छात्रावास भवन की मरम्मत हवा में होती हैं और पैसे फाइलों में डूबते हैं।

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  • आदिवासी समाज के साथ धोखा…

    छिंदवाड़ा जिलें की यह कहानी सिर्फ भ्रष्टाचार की नहीं है, यह उस भरोसे की मौत है जिसे आदिवासी समाज ने सरकार पर किया। जिसें जिलें में बैठे अधिकारी आदिवासी समाज के साथ धोखा कर रहे है और सरकार के भरोसे को तोड़ रहे हैं…

    वही सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार छिंदवाड़ा जिले में सहायक आयुक्त कार्यालय के इंजीनियर बाबू और अधिकारी के अनेको कारनामें मीडिया की सुखियों में बने रहे है

    बिना छात्रावास में काम के ठेकेदार को कर रहे भुगतान…..

    जिलें के जनजातीय कार्य विभाग द्वारा संचालित आश्रम शाला और छात्रावासों के लिए सरकार ने पिछले साल करोडो रुपए का बजट जारी किया था। भवनों की मरम्मत, पुताई, नए कक्ष सहित अन्य कामों कराने जनजातीय विभाग ने जिलें को करोडो का बजट दिया था, ताकि आदिवासी समाज के बच्चों को मूलभूत सुविधा मिल सके.. लेकिन जिन छात्रावास की मरम्मत के लिए राशि डाली गई थी बंहा मरम्मत का काम हुआ ही नहीं..?बही धरातल पर कुछ छात्रावास में काम निर्धारित लागत से कम में करा दिए। लेकिन कुछ छात्रावास एंव आश्रम शालाओं में बिना काम के ठेकेदार के नाम पर बिलों के भुगतान नियमों को ही दर किनारे कर दी। कार्यों का मूल्यांकन कराए बिना ही लाखों रुपए के बिलों का भुगतान कर दिया गया है।

    मोहखेड एंव भंडारकुड छात्रावास/आश्रम शाला में बिना मरम्मत किए हो गया भुगतान….

    जी हाँ सूत्रों की जानकारी के अनुसार इन दिनों जनजातीय विभाग के इंजीनियर एंव विभाग के अधिकारी बिना छात्रावास में मरम्मत काम के लाखों का भुगतान कर रहे है ऐसी ही भुगतान वर्ष 2025 फरवरी में मोहखेड आदिवासी बालक छात्रावास एंव भंडारकुंड कान्या छात्रावास में मरम्मत के नाम पर ठेकेदार को 8 लाख पचास हजार का भुगतान कर दिया जबकि छात्रावास अधीक्षक से जब इस बिषय में जानकारी ली गई तो उनका कहना है कि हमारे छात्रावास में वर्ष 24/ 25 में कोई काम नहीं हुआ है, राशि कैसे निकली हमें पता नहीं है अब सहायक आयुक्त से जानकारी ले सकते हो हमें इस बिषय में कुछ नहीं मालूम…!

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