अवैध रेत परिवहन पर दिखावटी सख्ती? एक डंपर की कार्यवाही, बाकी नेटवर्क पर चुप्पी
पांढुर्णा (चौथा स्तंभ) खनिजों के अवैध उत्खनन और परिवहन पर रोक के दावे करने वाला खनिज विभाग एक बार फिर सवालों के घेरे में है। पांढुर्णा–तीगांव हाईवे पर रेत से भरे एक डंपर को जप्त कर विभाग ने कार्यवाही का ढोल तो पीटा, लेकिन यह कार्यवाही सिर्फ एक वाहन तक सीमित रह गई।
जानकारी के अनुसार खनिज विभाग के दल ने आकस्मिक निरीक्षण के दौरान डंपर क्रमांक MP48H1208 को अवैध रूप से रेत परिवहन करते हुए पकड़ा। वाहन को शासकीय रूप से जप्त कर पुलिस थाना कोतवाली पांढुर्णा में खड़ा किया गया। विभाग ने इसे बड़ी उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत किया है।
लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि
यदि अवैध रेत परिवहन हो रहा था, तो
रेत कहां से लाई जा रही थी?
खदान किसकी है?
ठेकेदार और परिवहन नेटवर्क पर कार्यवाही क्यों नहीं?
स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में अवैध रेत का कारोबार लंबे समय से खुलेआम चल रहा है। हाईवे मार्ग पर रोजाना रेत से भरे वाहन दौड़ते हैं, लेकिन विभाग की नजर चुनिंदा वाहनों पर ही जाती है।
सूत्रों का कहना है कि
“जब दबाव बनता है या शिकायत होती है, तब एक-दो वाहनों को पकड़कर खानापूर्ति कर दी जाती है, जबकि असली खेल करने वाले बेखौफ रहते हैं।”
अब जप्त वाहन का प्रकरण कलेक्टर न्यायालय भेजने की बात कही जा रही है, लेकिन पूर्व के मामलों में यह देखा गया है कि
जुर्माना लगाकर वाहन छोड़ दिए जाते हैं,
अवैध खनन माफिया पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती।
इस कार्यवाही में सहायक खनि अधिकारी महेश नगपुरे एवं खनिज विभागीय अमला मौजूद रहा, लेकिन जनता यह जानना चाहती है कि
क्या यह कार्यवाही वास्तव में अवैध रेत कारोबार पर लगाम लगाएगी या सिर्फ कागजी औपचारिकता बनकर रह जाएगी?
अवैध रेत परिवहन पर दिखावटी सख्ती? एक डंपर की कार्यवाही, बाकी नेटवर्क पर चुप्पी..
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