प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़तीं आदिवासी बेटियाँ

Chautha Sthambh

प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़तीं आदिवासी बेटियाँ

Byadmin- 30 January 2026

छिंदवाड़ा(चौथा स्तंभ)
जहाँ आज भी ग्रामीण और आदिवासी अंचलों में बेटियों के लिए करियर को लेकर संसाधनों की कमी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है, वहीं माता शबरी आवासीय कन्या शिक्षा परिसर, छिंदवाड़ा में आयोजित करियर सप्ताह ने यह संदेश दिया कि सही मार्गदर्शन मिले तो बेटियाँ किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं।
करियर सप्ताह के अंतर्गत कक्षा 9वीं से 12वीं तक की छात्राओं के लिए आयोजित विशेष व्याख्यान में UPSC, MPPSC, SSC, रेलवे और बैंकिंग जैसी प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं की जानकारी देकर छात्राओं के सपनों को नई उड़ान दी गई। विषय विशेषज्ञ श्री महेन्द्र साहू, सहायक प्राध्यापक, स्वशासी पीजी कॉलेज छिंदवाड़ा ने केवल परीक्षाओं की जानकारी ही नहीं दी, बल्कि तैयारी की व्यावहारिक रणनीति, अनुशासन, आत्मविश्वास और जीवन कौशल जैसे पहलुओं पर भी छात्राओं को जागरूक किया।
उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाएं केवल नौकरी का माध्यम नहीं, बल्कि समाज में नेतृत्व और जिम्मेदारी निभाने का अवसर भी देती हैं। बेटियों में छिपी प्रतिभा को पहचानकर सही दिशा देना आज की सबसे बड़ी जरूरत है।


कार्यक्रम का आयोजन सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग श्री सतेन्द्र सिंह मरकाम की प्रेरणा से तथा प्राचार्य श्री वसंत कुमार सनोडिया के मार्गदर्शन में किया गया।
मंच संचालन डॉ. दिव्यनिधी पांडे ने किया, जबकि श्रीमती अनिता जोशी ने आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम बालिका संरक्षण समिति प्रभारी श्रीमती गीता सर्वनन सहित समस्त स्टाफ की उपस्थिति में संपन्न हुआ।
इस तरह के आयोजन न केवल छात्राओं को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए प्रेरित करते हैं, बल्कि आदिवासी अंचलों में शिक्षा के माध्यम से सशक्तिकरण की मजबूत नींव भी रखते हैं

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