तामिया ब्लॉक के शिक्षक को जुन्नारदेव में बीईओ का प्रभार
नियमों की अनदेखी?
जनजातीय विभाग की मनमानी पर उठे सवाल..!
चौथा स्तंभ (छिंदवाड़ा) जिले में जनजातीय कार्य विभाग की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। ताजा मामला तामिया विकासखंड से जुड़ा है, जहां लहगडुआ माध्यमिक शाला में पदस्थ प्रधानपाठक ओमप्रकाश जोशी को दूसरे विकासखंड जुन्नारदेव में विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) का प्रभार दे दिया गया है।
नियमों की अनदेखी..
नियमानुसार किसी एक विकासखंड में पदस्थ शिक्षक को दूसरे विकासखंड का बीईओ नियुक्त नहीं किया जा सकता, इसके बावजूद जनजातीय विभाग द्वारा यह प्रभार दिया जाना नियमों की खुली अवहेलना माना जा रहा है।
मूल स्कूल से अनुपस्थित, बच्चों की पढ़ाई प्रभावित
शिक्षक ओमप्रकाश जोशी की मूल पदस्थापना तामिया विकासखंड के लहगडुआ माध्यमिक शाला में है, लेकिन बीईओ का प्रभार मिलने के बाद वे अब जुन्नारदेव स्थित बीईओ कार्यालय में कार्यरत हैं।इससे उनके स्कूल में शिक्षकों की कमी उत्पन्न हो गई है, जिसका सीधा असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा है।
बीईओ पद के लिए निर्धारित अहर्ताएं भी दरकिनार
जानकारों के अनुसार, बीईओ पद के लिए स्पष्ट अहर्ताएं और प्रक्रिया निर्धारित है। इसके बावजूद जनजातीय विभाग के सहायक आयुक्त द्वारा एक प्रधानपाठक को दूसरे विकासखंड में बीईओ का प्रभार दिया जाना कई सवाल खड़े करता है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि
👉 क्या जुन्नारदेव विकासखंड में योग्य अधिकारी उपलब्ध नहीं थे?
👉या फिर नियम केवल सामान्य कर्मचारियों के लिए ही हैं?
प्रशासनिक पारदर्शिता पर सवाल
इस तरह की नियमविरुद्ध नियुक्तियां न केवल प्रशासनिक पारदर्शिता पर सवाल खड़े करती हैं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था की साख को भी नुकसान पहुंचाती हैं। अब देखना यह होगा कि जिम्मेदार अधिकारी इस पूरे मामले पर क्या सफाई देते हैं या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।
