राज्यपाल के आगमन के पूर्व तामिया जनपद में ग्रामीणों द्वारा धरना प्रदर्शन…
आखिर क्या लगाया ग्राम पंचायत जोगीमुआर में ग्रामीणों ने ताला…?
प्रशासनिक अधिकारी की अनदेखी से आज भी ग्रामीण शुद्ध पेयजल से दूर…
चौथा स्तंभ (छिंदवाड़ा ) जिलें के अधिकारी एक तरफ जंहा राज्यपाल के भौडियापानी आगमन की तैयारियों में जुटा है। वही अपनी समस्याओं को लेकर ग्रामीण आज तामिया जनपद के सामने धरने पर बैठे हैं, जबकि केंद्र एवं राज्य सरकार आदिवासी समाज के उत्थान के लिए लाखों करोड़ रुपए का बजट मुहैया करा रही है उसके बाद भी आदिवासी समाज आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे है। आज भी तामिया के कई गांव शुद्ध पेयजल के लिए तरस रहे हैं….

शुद्ध पेयजल के लिए जनपद पंचायत कार्यालय तामिया पर ग्रामीण बैठे धरने पर….?
राज्यपाल के प्रस्तावित आगमन से पूर्व भौडियापानी गांव में ग्रामीणों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन किया। धरने का मुख्य मुद्दा गांव में लंबे समय से बनी पेयजल समस्या बनी हुई है लेकिन अधिकारी एंव पंचायत के सचिव सरपंच कोई ध्यान नही दे रहे है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में शुद्ध पेयजल की भारी किल्लत है। कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकाला गया है, जिससे ग्रामीणों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। महिलाओं और बच्चों को दूर-दराज़ से पानी लाने को मजबूर होना पड़ता है।

एसडीएम के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने किया धरना समाप्त….
तामिया जनपद के सामने धरने पर बैठे ग्रामीणों ने अधिकारियों की समस्या बढ़ा दी थी, क्योंकि कल मध्य प्रदेश के राज्यपाल का तामिया के भौडियिपानी आगमन होने जा रहा है..वही जनसमस्या लेकर जिला पंचायत सदस्य नवीन मरकाम ने जोगीमुआर के ग्रामीणों की समस्या को लेकर धरना पर बैठ गयें, उन्होंने मांग रखी कि यदि सचिव एंव स्कूल के प्रधानपाठक को नही हटाया गया एंव , पेयजल की समस्या का हल नही किया गया तो बडा आंदोलन किया जायेगा..
ग्रामीणों का आरोप गणतंत्र दिवस नहीं मनाया गया पंचायत में अच्छे से..
इसके साथ ही ग्रामीणों ने पंचायत पर आरोप लगाया कि 26 जनवरी गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व को पंचायत स्तर पर नहींअच्छे से नही मनाया गया, जो न केवल संवैधानिक मूल्यों का अपमान है बल्कि ग्रामीणों की भावनाओं को भी ठेस पहुंचाने वाला है।
धरने पर बैठे ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि पेयजल समस्या का शीघ्र समाधान किया जाए और पंचायत की इस लापरवाही पर उचित कार्रवाई हो। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

