शिक्षा के मंदिर में छोटे छोटे बच्चों के हाथों में कलम की जगह… धुलवाए जा रहे बर्तन…?

Chautha Sthambh

शिक्षा के मंदिर में छोटे छोटे बच्चों के हाथों में कलम की जगह… धुलवाए जा रहे बर्तन…?

सौसर के माध्यमिक शाला डूकरझेला का मामला….

स्कूल परिसर के ग्राऊंड में बैठाकर खिलाएं जरा बच्चों को मिड डे मील…?
चौथा स्तंभ (पांढुर्ना) मध्यप्रदेश के पांढुर्ना जिलें के सौसर तहसील के माध्यमिक शाला डूकरझेला में स्कूल में शिक्षकों की लापरवाही देखने को मिली जंहा छोटे छोटे बच्चे से बर्तन धुलवाते देखे गए…

शिक्षा के मंदिर में बच्चों को पढाई की जगह,थाली धुलवाने का करा रहे काम..?

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  • सौसर विकासखंड के डूकरझेला माध्यमिक शाला में एक मामला समाने आया है जंहा
    शिक्षा के मंदिर में जिन छोटे-छोटे बच्चों के हाथो में कलम होना चाहिए उन हाथों से बच्चों से से स्कूल प्रबंधन द्वारा बकायदा बर्तन धुलवाए जा रहे हैं। बच्चों को यह करना ठीक तो नहीं लग रहा, लेकिन स्कूल में यह उनकी मजबूरी है। स्कूल के शिक्षक भोजन उपरांत बच्चों को बर्तन धोने के लिए मजबूर किया जाता है, जो न सिर्फ उनके सम्मान के खिलाफ है बल्कि बाल अधिकारों का भी उल्लंघन है…..

    अभिभावकों का कहना….
    इस धटना के बाद बच्चों के अभिभावकों ने इस व्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए कहा कि सरकार द्वारा मध्यान्ह भोजन योजना बच्चों के पोषण और शिक्षा को बढावा देने के लिए बनाई गई है न कि उनसे श्रम करवाने के लिए। बच्चों से स्कूल में थाली धुलवाना उनकी पढाई और मानसिक विकास पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है..

    मध्यान भोजन प्रदान करना एवं बर्तन धुलवाने की जिम्मेदारी समूह की…
    जी हाँ यह पूरा मामला सौसर तहसील के डूकरझेला माध्यमिक शाला का है जंहा वीडियो में देखने में आया कि स्कूली बच्चों से मध्याहन भोजन के बाद प्रभारी शिक्षक के द्वारा सामने से बच्चों से बर्तन धुलवाए जा रहे हैं। जबकि मध्यान भोजन प्रदान करने एवं बर्तन धुलवाने की जिम्मेदारी समूह की होती है। लेकिन स्कूली बच्चों के अध्यापन सहित समग्र देखरेख की जिम्मेदारी स्कूल प्रबंधन की है। लेकिन यंहा पर स्कूल प्रबंधन बच्चों को शोषण से बचाने की बजाए खुद शोषण करते नजर आ रहे है।

    शिक्षा विभाग के अधिकारी का कहना….

    इस बिषय में शिक्षा विभाग के अधिकारी का कहना है कि यदि इस तरह शिकायत सही पाई जाती है तो संबंधित जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी।

    क्षेत्र के लोगों का क्या कहना…

    यदि स्कूल में शिक्षकों के द्वारा छोटे छोटे बच्चों से पढाई के नाम पर इस तरह के काम करने वाले पर कार्रवाई होना चाहिए। और दोषियों पर सख्त कदम उठाने की मांग की है। अब देखना होगा की जिला प्रशासन इस गंभीर मुद्दे पर कब और क्या कार्यवाही करता है..

    स्कूल ग्राउंड में बैठाकर खिलाते हैं बच्चों को मिड डे मील….

    सौसर के डूकरझेला स्कूल में छोटे छोटे बच्चों के साथ अमानवीय व्यवहार का मामला सामने आया है, यंहा देखा गया है कि स्कूल के छोटे छोटे बच्चों के स्कूल ग्राउंड में बच्चों को माध्यान्ह भोजन कराया जाता है, यंहा क्या टेबल कुर्सी की व्यवस्था नहीं है जो बच्चों को जमीन में बैठकर खाना खाने को मजबूर होना पड़ रहा है…

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