जनजातीय विभाग के क्षेत्र संयोजक और छात्रावास अधीक्षक की मिलीभगत से भरी भ्रष्टाचार..?
छिंदवाड़ा (चौथा स्तंभ) जिलें के जनजातीय विभाग में क्षेत्र संयोजक और छात्रावास अधीक्षकों की मिलीभगत से भ्रष्टाचार, छात्रवृत्ति घोटाला, और छात्रावास फंड में हेराफेरी के गंभीर मामले सामने आ रहे है जिसमें सीनियर अधिकारियों की संलिप्तता भी शामिल है…
क्षेत्र संयोजक अधीक्षक से हर महिने लेते है शिष्टाचार भेंट…?
इन दिनों जिलें के जनजातीय विभाग छिंदवाड़ा में क्षेत्रसंयोजक की मिलीभगत के कारण अधीक्षक आदिवासी समाज के बच्चों के नाम पर आई राशि में भरी गोलमाल कर रहे है। क्षेत्र संयोजक और अधीक्षक मिलकर छात्रावास के राशन, मेंटेनेंस और छात्रों की छात्रवृति में धांधली कर रहे है, जिसका उदाहरण हर्रई विकासखंड के परतापुर के अधीक्षक रविशंकर डेहरिया आठ दस दिन में एक बार ही रजिस्टर में दर्ज करता है बच्चों की उपस्थिति क्योंकि छात्रावास में कभी दस बच्चे रहते है कभी बीस लेकिन उपस्थित पूरे 50 बच्चों की लगती है…
निरीक्षण के नाम पर छात्रावास से उगाही..
जिलें में इन दिनों क्षेत्र संयोजक, मंडल संयोजक छात्रावास में निरीक्षण के नाम पर उगाही कर रहे है। क्योंकि अधीक्षक छात्रावास फंड का दुरुपयोग करते है और निरीक्षण के नाम पर क्षेत्र संयोजक एंव मंडल संयोजक को रिश्वत देते हैं..
आदिवासी छात्रों के हक का शोषण…
जनजातीय समाज के विद्यार्थियों के लिए मिलने वाली सहायता राशि का गबन किया जा रहा है, जिससे विद्यार्थियों के पोषण और शिक्षा पर बुरा असर पड रहा है
सहायक आयुक्त की भूमिका…
जिलें में ऐसे कई मामलो हुए है जिसमें सहायक आयुक्त भी इस भ्रष्टाचार में शामिल पाए जाते है, इसलिए तो अधीक्षक इन दिनों खुलकर भ्रष्टाचार को अंजाम दे रहे है..
छात्रावास मरम्मत के नाम पर लाखों की हेराफेरी….
जिलें के छात्रावास मरम्मत के नाम पर इन दिनों विभाग लाखों रुपये अधीक्षक के खातों में डाल रहा है जिसका फायदा विभाग के कुछ अधिकारी और अधीक्षक उठाकर लाखों कमा रहे है। ऐसा ही मामला पिछले कुछ सालों में देखा गया जंहा छात्रावास में कोई मरम्मत नही हुई और लाखों रुपये अधीक्षक और विभाग के कुछ अधिकारी ने मिलकर गबन कर गयें..

