हर्रई के शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार का बोलबाला…?
प्राचार्य मांग रहे शिक्षकों से शिष्टाचार भेंट..!
चौथा स्तंभ (छिंदवाड़ा) जिलें के हर्रई विकासखंड के शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार की खबर इन दिनों सुर्खियों में छाई हुई है,बीते एक माह से आदिवासी विभाग के विकासखंड शिक्षा अधिकारी हर्रई को लेकर वहां पर कार्यरत शिक्षकों द्वारा एक आंदोलन शुरू किया जिसमें विकासखंड शिक्षा अधिकारी कालंबे को बीईओ के पद से हटाने के लिए शिक्षको ने उन पर कई आरोप लगाए थे, जिसके बाद उन्हें हटा भी दिया गया लेकिन अब प्राचार्य पर भ्रष्टाचार का आरोप..!
शिक्षकों ने हर्रई ब्लॉक के प्राचार्य पर लगाए शिष्टाचार भेंट लेने के आरोप..?
आखिर हर्रई ब्लॉक के शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार कम होने का नाम नहीं ले रहा है ऐसा ही मामला अब सामने आ रहा है सूत्रों की जानकारी के अनुसार कुछ स्कूल के शिक्षकों ने प्राचार्य पर आरोप लगाया कि उनका कोई भी काम बिना शिष्टाचार भेंट दिए स्कूल के प्राचार्य नहीं कर रहे हैं, शिक्षकों से दो हजार से लेकर पाँच रुपयें की मांग शिक्षकों से कर रहे है, उनके भुगतानों को लेकर यंहा कार्यरत शिक्षक भी रुपयें मांगने वाले व्यक्ति से उनके सीधे बैक खाते में देने की बात कर रहे है, कुछ शिक्षक डर के कारण जवान नहीं खुल रहे है कि उन पर कोई कार्रवाई न हो जाए।
बीईओ प्रकाश कालंबे के हटाने में महत्वपूर्ण भूमिका थी इन प्राचार्य की जिन पर लग रहे हैं शिष्टाचार भेंट लेने का आरोप….
विगत एक माह पहले आदिवासी विकासखंड शिक्षा अधिकारी हर्रई को हटाने के लिए यंहा कार्यरत कुछ स्कूल प्राचार्य और शिक्षकों ने आंदोलन शुरू किया था। जिसके बाद जनजातीय विभाग ने उन्हें हटा भी दिया लेकिन इस ओर किसी का ध्यान नहीं गया कि इस आंदोलन की रुपरेखा रचने वाले शिक्षक और प्राचार्य हर्रई विकासखंड के स्कूलों में पदस्थ है और आज तक इन शिक्षक और प्राचार्य को दुसरे ब्लाक में स्थानांतरण क्यों नहीं हुआ। यदि बरसों से मठाधीश की तरह इन स्कूलों में पदस्थ ऐसे शिक्षकों की जानकारी निकलकर इन्हे दुसरे ब्लॉक में पदस्थ किया जाना चाहिए, और इन्हे हटाकर बिछुआ,तामिया में पदस्थ किया जाना चाहिए तब पूरे मामले खुलकर सामने आएंगे…! क्योंकि इन पर भी अब शिष्टाचार भेंट लेने के भी आरोप लगने लगे हैं इसलिए इन सभी की भी जाँच होना चाहिए।
आखिर इन शिक्षकों और प्राचार्य ने बीईओ को टारगेट करने के चक्कर में बच्चों की पढ़ाई भी हुई प्रभावित…?
हर्रई की इस धटनाक्रम में किसी भी अधिकारी का इस ओर ध्यान नहीं गया कि इस इस घटनाक्रम के चलते शिक्षकों ने बच्चों की पढाई की ओर ध्यान देना ही बंद कर दियें थे। ऐसा प्रतीत होता है कि जितने शिक्षक/ शिक्षिकाओं ने ज्ञापन और आंदोलन किया था उनके कारण कितने स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हुई जबकि बच्चों की परीक्षा का समय नजदीक आ गया था उसके बाद भी शिक्षक की लापरवाही के चलते आज सैकड़ो बच्चे का भविष्य अंधकार में चला गया है.. लेकिन एक बीईओ को टारगेट के चक्कर में इन आदिवासी बच्चों के भविष्य की ओर किसी भी अधिकारी और शिक्षकों ने ध्यान नहीं दिया..?
हर्रई ब्लॉक के स्कूल में बरसों से एक ही जगह पर पदस्थ शिक्षक/शिक्षिकाओं एवं प्राचार्य का होना चाहिए स्थानांतरण..?
सूत्रों की जानकारी के हर्रई विकासखंड में पदस्थ कुछ स्कूल शिक्षक एवं प्राचार्य के निजी स्वार्थ के चलाते बीईओ को टारगेट किया गया था, कहीं ऐसा तो नहीं कि शिक्षक एंव प्राचार्या के व्यक्तिगत स्वार्थ की पूर्ति तत्कालीन विकासखंड शिक्षा अधिकारी के माध्यम से पूरी नहीं हो पाई जिसके कारण प्रशासन पर दबाव बनाना चाहते थे, इसलिए शिक्षकों के द्वारा कभी ज्ञापन तो कभी आंदोलन किया गया। इन सभी शिक्षकों की भी जाँच होना चाहिए..!

