पीएचई विभाग में जमकर बरती जा रही है लापरवाही…
चौरई क्षेत्र के ग्राम बींझावाडा के वार्ड नंबर 7 के धरों में आ रहा गंदा पानी…
छिंदवाड़ा (चौथा स्तंभ) सरकार की मंशा है कि जल जीवन मिशन योजना सहित अन्य योजनाओं से लोगों को हर घर जल हर घर नल से शुद्ध पानी उपलब्ध कराया जा सके, जिसमें सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं में से एक जल जीवन मिशन योजना भी है लेकिन यह योजना भी इन दिनों दम तोड़ती हुई नजर आती है। अधिकारियों की अनदेखी चलते खासकर ग्रामीण अंचलों में यह योजना महज कागजों में सिमट कर रह गई है। एक बार फिर जल जीवन मिशन योजना में लापरवाही का मामला सामने आया है। दरअसल जिले के चौरई विकासखंड अंतर्गत आने वाले ग्राम बींझावाडा गांवों में जल जीवन मिशन योजना कार्य किया तो गया लेकिन ठेकेदार और अधिकारी की मिलीभगत के चलते ठेकेदार के द्वारा गुणवत्ताहीन काम किया है और अभी भी आधा काम बाकी है लेकिन जिम्मेदार अधिकारी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं

गांव के नलों से आ रहा गंदा पानी.. जगह-जगह टूटी पाइप लाइन..
ग्राम पंचायत बींझावाडा में ठेकेदार के द्वारा इतना धटिया काम किया गया कि अभी काम पूर्ण हुआ नहीं और पाईपलाइन जगह जगह टूट गई. जिसके कारण नाली का गंदा पानी लोगों के घरों में नालों के द्वारा जा रहा है आज गांव के लोग गंदा पानी पीने के लिए मजबूर हैं..
हादसे के बाद भी सबक नहीं.
गौरतलब हो कि बीते दिनों इंदौर जिले में दूषित पानी पीने से लगभग दो दर्जन लोगों की मौत हो चुकी है। तो सैकड़ों की संख्या में लोग अस्पताल में अपना उपचार करा रहे है। इतनी बड़ी घटना हो जाने के बाद भी जिले के तमाम अधिकारियों ने इसे घटना को गंभीरता से नहीं लिया। हालात यह है कि जिले में ऐसे कई गांवों है जहां आज भी जल जीवन मिशन योजना कार्य शुरू न हो सका है। जिसके बाद कही न कही विभागीय अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे है।
गांव के सरपंच एवं लोगों ने कई बार की 181 पर शिकायत लेकिन ठेकेदार पर कोई कार्रवाई नहीं…?
जब इस बिषय पर ग्राम बींझावाडा के सरपंच अनिल सनोडिया से बात की गई तो उनका कहना है कि मेरे द्वारा ठेकेदार की कलेक्टर महोदय के पास कई बार शिकायत कर चूका हुँ और गांव के लोगो ने भी कई बार ठेकेदार की शिकायत कर रहे है लेकिन ठेकेदार की राजनेताओं एंव विभागीय अधिकारी से मिली भगत होने के कारण आज तक ठेकेदार पर कोई कार्रवाई नहीं होती और ठेकेदार अधिकारियों से मिली भगत कर शिकायतों को बंद कर देता है और आज तक इतनी शिकायत के बाद भी ठेकेदारी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है गांव के लोग बार-बार मेरे पास आकर शिकायत कर रहे हैं कि गांव में गंदा पानी आ रहा है लेकिन में भी क्या कर सकता हुँ, विभाग के अधिकारी को मेरे द्वारा सूचना दे दी गई है लेकिन अभी तक कोई सनी नहीं हुई है और अभी भी गांव के कई मोहल्ले में तो इस योजना का लाभ भी नहीं मिल है।
बींझावाडा पंचायत के वार्ड नंबर 7 के भोला साहू ने बताया
ग्राम के भोला साहू का कहना कि हमारे मोहल्ले में विगत 15 दिनों से पानी नहीं आ रहा है और पाइपलाइन टूटने के कारण उसमें गंदा पानी घरों में आ रहा था जिसकी शिकायत करने के बाद ठेकेदार ने गुस्से में आकर हमारे मोहल्ले के पाइपलाइन काटकर चला गया शिकायत करने के बाद भी आज तक पाइपलाइन नहीं जोड़ी गई है और मेरे द्वारा सरपंच से लेकर 181 में भी शिकायत कर दी लेकिन अभी तक पाइपलाइन नहीं जोड़ी गई है और हम लोगो किराए के टैंकर से पानी बुला रहे हैं लेकिन सुनने वाला कोई नहीं है
शिकायत के बाद ठेकेदार ने काट दी पाइपलाइन
शिकायत करने पर ठेकेदार ने वार्ड नंबर 7 में पाइप लाइन काट कर चला गया है ऐसा मोहल्ले के लोग का कहना है, और ठेकेदार की लापरवाही के कारण आज गांव के लोग पानी के लिए तरस रहे हैं कई बार इसकी इसकी शिकायत होने के बाद भी आज तक पाइपलाइन को ठीक नहीं किया है और कहता ठेकेदार कहता है कि आप मुख्यमंत्री को भी मेरी शिकायत करोगे तो मेरा कुछ नहीं होगा.! ऐसा गांव के सरपंच और गांव के लोगो का कहना है…
गांव के कई मोहल्ले में अभी भी पाइपलाइन नहीं बिछाई गई ना ही कुँआ का काम हुआ पूरा…
ठेकेदार की लापरवाही इतनी है कि अभी तक गांव के कई मोहल्ले में पाइपलाइन बिछाई नहीं गई है ना ही कुएं का काम पूरा हुआ है। जिसके कारण अभी तक पानी टंकी तक पाईप लाइन नहीं डाली गई है, जिसके कारण गांव के लोगों को सप्ताह में एक-दो दिन ही पानी मिल रहा है और गांव के कई वार्ड के लोग अभी भी पानी के लिए तरस रहे हैं….
ठेकेदार ने चौरई ब्लॉक में कई जगह लिया काम सब जगह ऐसा ही काम…
ग्राम पंचायत वींझावाडा विकासखंड चौरई में जिस ठेकेदार ने काम किया है उसके द्वारा अन्य ग्राम पंचायत में भी ऐसा ही काम किया है, और कई जगह तो भी अब तक पाइपों को बिछाने का कार्य शुरू न हो सका है। हालांकि कुछ कुछ जगह पाइप बिछाने का काम शुरू तो हुआ है। जिसके कारण ग्रामीणों को प्राकृक्तिक जल स्त्रोत का सहारा लेना पड़ रहा है।
आखिर विभागीय अधिकारी कब लेंगे ग्रामीणों की सुंध..!
जिला कलेक्टर एवं विभाग के अधिकारी को कई बार शिकायत होने के बाद भी आखिर ठेकेदार पर कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है। यदि उच्च अधिकारी मौके पर पहुंचकर ग्राउंड निरीक्षक करें तो कई अनियमिताएं सामने आ सकती है।

