हर्रई ब्लॉक के छात्रावास में मरम्मत के काम पर लाखों की हेराफेरी… दीपक और ठेकेदार की जोड़ी का कमाल..?

Chautha Sthambh

उपयंत्री दीपक और ठेकेदार की जोड़ी मिलकर कर रहे लाखों की हेरा फेरी…?

जनजातीय विभाग के अफसरों पर गंभीर आरोप, मरम्मत के काम में लाखों का हेरफेर….

चौथा स्तंभ (छिंदवाड़ा) जनजातीय कार्य विभाग के उपयंत्री (इंजीनियर) पर भ्रष्टाचार करने का आरोप लग रहे हैं। ठेकेदार और उपयंत्री इंजीनियर ने मरम्मत के नाम पर लाखों रुपए की राशि का बंदरबाट किया..

क्या है मामला ?
मरम्मत के काम में लाखों का हेरफेर…
जिले के हर्रई विकासखंड के आदिवासी छात्रावास एंव आश्रम शाला के भवन में रंगरोगन और थोड़ी बहुत मरम्मत करके इसे फिर से चमचमाया जा सकता था.लेकिन इस मजबूत भवन के रिपेयरिंग के नाम पर इन छात्रावासों के नाम पर लाखों रुपए का भारी भरकम बिल पास हो रहे है. जिसकी कई बार शिकायत भी हो चूकि है लेकिन जिलें में बैठे अधिकारी और कलेक्टर महोदय ने आज तक कोई जाँच नहीं कराई है

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  • आदिवासी समाज के साथ धोखा…

    छिंदवाड़ा जिलें की यह कहानी सिर्फ भ्रष्टाचार की नहीं है, यह उस भरोसे की मौत है जिसे आदिवासी समाज ने सरकार पर किया। जिसें जिलें में बैठे अधिकारी आदिवासी समाज के साथ धोखा कर रहे है और सरकार के भरोसे को तोड़ रहे हैं…

    वही सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार छिंदवाड़ा जिले में सहायक आयुक्त कार्यालय के इंजीनियर और ठेकेदार के अनेको कारनामें मीडिया की सुखियों में बने रहे है…

    छात्रावासों की मरम्मत में लाखों खर्च हो गए , भवन की हालत जस की तस…?

    जी हाँ हम बात कर रहे है हर्रई विकासखंड के परतापुर छात्रावास की जंहा छात्रावासों को रंग-रोगन और मेंटेनेंस के नाम पर लाखों रुपये की राशि जारी कि गई हैं। लेकिन ठेकेदार ने इस राशि से मेंटेनेंस के नाम पर केवल खानापूर्ति
    कर छात्रावास में पुताई करा दिया और छात्रावास भवन की मरम्मत के नाम लाखों की राशि निकल ली गई जबकि छात्रावास के खिड़की दरवाजे अभी भी टूटे हुए नजर आ रहे हैं और छात्रावास की हालत जस की तस नजर आ रही है

    आदिवासी बालक छात्रावास परतापुर की हालत देखे, कुछ तो शर्म करिए साहब..?

    ठेकेदार और उपयंत्री की मिलीभगत….

    जनजातीय कार्य विभाग के विभागीय इंजीनियर दीपक सरयाम जो विगत दस सालों से जिले में पदस्थ होने के कारण जिलें के ठेकेदार के साथ उनके मधुर संबंध बन गए हैं इसलिए विभागीय इंजीनियर कभी स्थल निरीक्षण नहीं करते एवं कार्यों का मूल्यांकन एवं भौतिक सत्यापन किए बिना ही ठेकेदार से चढ़ावा लेकर भुगतान कर देते हैं…

    परतापुर छात्रावास में अबैध सागौन कटाई कर बनाई गई है बाउंड्री वॉल….

    हर्रई विकासखंड के आदिवासी बालक छात्रावास परतापुर में अधीक्षक के द्वारा अबैध तरीके से सैकड़ो सागौन के पेड़ों की कटाई कर छात्रावास भवन के आसपास तार की बाउंड्री वॉल बनाई गई है। यह सोचने का विषय है कि एक अधीक्षक बाउंड्री वॉल के लिए जंगलों से अबैध तरीके से सागौन की अवैध कटाई कर बाउंड्री वॉल बना लेता है और फॉरेस्ट विभाग को इसकी भनक भी नहीं लगती ना ही विभाग के उच्च अधिकारी को इस अधीक्षक का कारनामा देखा..?

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