भोपाल के ठेकेदार, मंत्री के नाम बताकर कर रहे जिलें के स्कूल में फर्नीचर सप्लाई….!

Chautha Sthambh

बिना टेंडर के हो गई आदिवासी विकासखंड के स्कूल में लाखों के फर्नीचर की सप्लाई….

जनजाति कार्य विभाग का मामला, जांच की उठ रही मांग, प्राचार्यों की भूमिका पर भी उठे सवाल..

बीईओ बोले, सहायक आयुक्त ऑफिस छिंदवाड़ा से आया था फोन..
By admin-
16/01/2026

चौथा स्तंभ (छिंदवाड़ा)
जिले के जनजाति कार्य विभाग में फिर एक नया मामला सामने आया है। जंहा भोपाल के एक ठेकेदार ने मंत्री के नाम पर यहां स्कूलों में सप्लाई के नाम पर लाखो रुपए के बारे-न्यारे कर दिया गया है। बताया जाता है कि शासन द्वारा स्कूलों के फर्नीचर, आलमारी और अन्य सामग्री हेतु लाखों रुपए का आवंटन किया गया था। जिसे स्कूलों के खातों में आंवटित कर दिया गया। नियमानुसार सामग्री सप्लाई हेतु जेम या अन्य माध्यम से निविदा आमंत्रित किया जाना था। किन्तु बगैर निविदा के भोपाल की फर्म को सप्लाई का काम दे दिया गया। जानकारी के अनुसार भोपाल की रेवा इंटरप्राइजेस फर्म द्वारा द्रयबल ब्लॉक के स्कूलों में फर्नीचर और आलमारी सहित अन्य सामग्री सप्लाई की गई है। किन्तु सामग्री की गुणवत्ता अत्यंत निम्न स्तर की है। इतना ही नहीं बगैर टेंडर के सप्लाई के खेल में लाखो रुपए के कमीशन बात भी सामने आ रही है।

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  • तामिया, हर्रई बीईओ के कहने पर सभी प्राचार्यों ने कर दिया भुगतान…

    इन दिनों स्कूल के बच्चों के नाम लूट लूट मची हुई है, ऐसा ही मामला देखने को मिला तामिया,हर्रई और दुसरे ब्लॉक में जंहा भोपाल के ठेकेदार ने सहायक आयुक्त एंव विकासखंड शिक्षा अधिकारी से मिली भगत कर जिले के सरकारी स्कूलों में घटिया क्वालिटी के फर्नीचर सप्लाई कर दिया और लाखों रुपए का बिल का भुगतान स्कूल प्राचार्यों कों के द्वारा ठेकेदार को कर दिया गया।

    जब इस बिषय में तामिया बीईओ से सवाल किया तो उनका कहना है, सहायक आयुक्त कार्यालय से फोन आया था इसलिए मैं स्कूल के प्राचार्यों को बोलकर ठेकेदार को पेमेंट करवाया हूं….

    हर स्कूल के प्राचार्यों का भी कमीशन सेट…

    भोपाल के ठेकेदार के द्वारा घटिया सामग्री सप्लाई के बाद भी स्कूल के प्राचार्यों ने बिना मूल्यांकन के एक सप्ताह के अंदर ही ठेकेदार को पेमेंट करने के मामले में यह समझ में आता है कि इतने जल्द स्कूल के प्राचार्यों ने ठेकेदार को भुगतान कैसे कर दिया..! ऐसे में मामले में प्राचार्यों की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे है।

    सहायक आयुक्त कार्यालय के अफसरों
    पर भी प्रश्न चिन्ह..?

    सहायक आयुक्त कार्यालय छिंदवाड़ा के
    अफसरों पर भी प्रश्नचिन्ह लगना शुरू हो गया है। क्योंकि लाखों रुपयें के कार्य बगैर टेंडर और जेम में निविदा बुलाये कैसे कर दिया गया है। ऐसे में रेवा इंटरप्राइजेस द्वारा सप्लाई में जमकर लीपापोती की गई है। सूत्रों की माने तो उक्त स्रामने कुछ महीने भी नहीं टिक पाएगी। जिसके चलते शासन को लम्बी चपत लगना तय माना जा रहा है।

    हर्रई और तामिया में सर्वाधिक खेल…?

    जिले के आदिवासी ब्लॉक हर्रई और तामिया के सर्वाधिक स्कूलों में सामग्री सप्लाई की गई है। जहां ब्लॉक स्तर के ऑफिसर द्वारा भी सप्लायरों की भरपूर मदद की गई है। जिसके चलते ब्लॉक स्तर के अफसरों को भी मोटी कमीशन मिलने के चर्चा जोर-शोर से चल रही है। जबकि प्राचार्यों द्वारा भी कमीशन लेकर फॉर्म को राशि का भुगतान कर दिया गया। जबकि नियमानुसार सामग्री की गुणवत्ता और संख्या को लेकर भौतिक सत्यापन आवश्यक था।

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