परासिया, जुन्नारदेव, बिछुआ और पोआमा में बनाए जा रहे नगर वन…
करोड़ों की लागत से 50 हेक्टेयर में आकार लेंगे 04 नए नगर वन…
छिंदवाड़ा(चौथा स्तंभ) वन विभाग अब में नगर वन योजना के तहत शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में हरियाली बढ़ाने के लिए नगर वन शहरी वन बना रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य प्रदूषण कम करना, जैव विविधता बढ़ाना और लोगों को प्रकृति से जोड़ना है। इस योजना में ईको टूरिज्म, साहसिक गतिविधियों और स्थानीय वनस्पति पर जोर दिया जा रहा है, जिसके तहत वन विभाग करोड़ों की लागत से कैफेटेरिया, पार्क और अन्य सुविधाएं के साथ नगर वन बनाने का कार्य भी शुरू कर दिया है। ये नगर वन पच्चीस से पचास हेक्टेयर में बनेगा। इसकी लागत भी लाखों से करोड़ो के बीच में बताई जा रही है….

विभागीय वन अधिकारियों की मानें तो पश्चिम वन मंडल के अंतर्गत आने वाले परासिया रेंज और जुन्नारदेव में वन विभाग नगर वन बना रहा है। जो कि परासिया क्षेत्र में 50 हेक्टेयर तो जुन्नादेव में 25 हेक्टेयर में नगर वन बनने जा रहा है। जिसका निर्माण भी शुरू हो चुका है। जो कि जुलाई माह तक पूर्ण हो जाएगा। इन दोनों की लागत लगभग 50-50 लाख रु बताई जा रही है। बात करें पूर्व वनमण्डल की तो यहां भी नगर वन बनना है। एक बिछुआ रेंज में तो दूसरा छिंदवाड़ा रेंज के पोआमा में बन रहा है। इन दोनों नगर वन 60-60 हेक्टेयर में बनाना है। जो कि एक नगर वन 50 से 56 लाख रु लगात से बन रहा है। हालांकि शासन द्वारा समय पर बजट स्वीकृत नहीं होने के कारण फिलहाल नगर वन बनने का कार्य धीमी गति से चल रहा है। कुल मिलाकर
दोनों डिविजनों में 4 नगर वन बनना है। इस नगर वन मंडल में बच्चों के लिए प्ले पार्क, वाकिंग गार्डन, प्ले ग्राउंड, पिकनिक स्पॉट सहित कई अन्य सुविधाएं भी आम नागरिकों को मिलेगी। इसका मुख्य उद्देश्य वन विभाग नगर वन बनाकर शहरों को हरा-भरा और रहने लायक बना रहा है, जो पर्यावरण और पर्यटन दोनों के लिए फायदेमंद है।
शासन से निर्देश मिलने के बाद वन विभाग ने जिले में बन रहे चार नये नगर वन का कार्य प्रारंभकर दिया है। हालांकि विभागीय अधिकारियों का कहना है कि समय पर शासन से बजट
न मिलने के कारण निर्माण कार्य में थोड़ी दिक्कत हो रही है। उम्मीद जताई जा रही है
ये रहेगी सुविधाएं
वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार नगर वन में आम नागरिको के लिए वाकिंग ट्रेड, गार्डन, प्ले पार्क, प्ले ग्राउंड, पिकनिक स्पॉट, साइकिल ट्रेंड, स्मृति वन्, नक्षत्र वन, बहुमूल्य औषधि के पेड़ो का पौधारोपण के साथ साथ यदि किसी व्यक्ति को वहां अपनों की स्मृति चिंह भी लगाना है तो वे लगा सकते है। यदि से साथ जन्मदिन शादी की वर्षगांठ सहित अन्य कार्यक्रमों को यादगार बनाने के लिए वह यह आकर एक पेड मां के नाम लगाकर पौधरोपण कर सकते है। इसी के साथ उन्हें वन विभाग पौधा निशुल्क रूप से उपलब्ध कराएगा।
कि बारिश का मौसम शुरू होने के पहले नगरवन यदि पूर्ण रूप से तैयार हो जाता है तो यह है नगर वन की परिकल्पना
नगर वन पूरा बनने के बाद बारिश के मौसम में वन विभाग यहां पर वृहद पौधरोपण अभियान एक पेड़ मां के नाम के तहत किया गया। हजारों पौधे एकसाथ रोपे जाएंगे। नगर वन में फलदार, छायादार और औषधीय प्रजातियों के पौधे रोपे गए। जिसमें आम, आंवला, नीम, करंज, शीशम, हर्रा, बहेरा, पीपल, बरगद, कचनार आदि के पौधे शामिल हैं। यहां पर नक्षत्र वन तैयार होना है। दिशाओं के हिसाब से पौधे लगाए जा रहे हैं। ऑक्सीजन पार्क तैयार होगा। स्मृति वन में लोगों को बुलाया जाएगा। यहां पर कोई भी व्यक्ति आकर पौधे लगा सकेगा। इसकी खासियत यह रहेगी कि औषधि वाले पौधे होंगे। राम पथ वनगमन में जो पौधे मिले हैं, उन सब पौधों को लगाया जाएगा। इसमें 50 प्रजाति शामिल की गई हैं। फूलों की खास प्रजातियां लगाई जाएंगी।
इनका कहना है
नगर वन भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना है जिले में फिलहाल चार नगर वन बनना है। जिसमें परासिया और पुआमा का हेक्टेयर क्षेत्र अधिक है इसके साथ बिछुआ और जुन्नारदेव का हेक्टेयर क्षेत्र कम है। सभी नगर वन लाखों रुपए की राशि से निर्माण किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य लोगों का पर्यावरण से जोड़ना एवं आमजनों के लिए बेहतर पर्यावरण का निर्माण करना है। इस नगर वन में अनेको तरह की सुविधाएं भी होगी।
साहिल गर्ग, डीएफओ, पश्चिम वन मंडल छिंदवाड़ा

