आश्रम शाला के बच्चे नहीं जानते गिनती-पहाड़ा…

Chautha Sthambh

सरकारी स्कूलों के बच्चे नहीं जानते गिनती-पहाड़ा…

रिपोर्ट -ठा रामकुमार राजपूत

मोबाइल -8989115284,8839760279

छिंदवाड़ा (चौथा स्तंभ) मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिलें में जनजातीय विभाग द्वारा संचालित आदिवासी बालक आश्रम शाला में शिक्षा का स्तर बेहद ही कमजोर है, ऐसा ही आज परासिया ब्लॉक के आदिवासी बालक आश्रम शाला के बच्चों में पहाड़ा, गिनती के अलावा बेसिक जानकारी की भी कमी है। इसका प्रत्यक्ष प्रमाण तब देखने को मिला, जब सहायक आयुक्त सतेंद्र सिंह मरकाम ने आदिवासी बालक आश्रम शाला अंबाडा का निरीक्षण कर बच्चों से प्रश्न पूछे। इस दौरान वह गिनती व पहाड़ा के साथ प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री का नाम भी नहीं बता पाए। सहायक आयुक्त ने शिक्षा के गिरते स्तर पर नाराजगी व्यक्त करते हुए आज आश्रम शाला की दो शिक्षिका को निलंबित कर दियें है।

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  • सहायक आयुक्त ने जमीन पर बच्चों के साथ बैठकर पूछे बच्चों से सवाल….

    जिलें के जनजातीय विभाग में संचालित आश्रम शालाओं में शिक्षकों की लापरवाही की शिकायत मिल रही थी इसी का निरीक्षण करने के लिए आज परासिया ब्लॉक के आदिवासी बालक आश्रम शाला अंबाडा का निरीक्षण करने अचानक सहायक आयुक्त पहुंच गयें और बच्चों के साथ जमीन पर बैठकर उनसे सवाल पूछें जिसमें बच्चों को ना तो गिनती आ रही थी ना तो पहाड़ी बना रहे थे, आश्रम शाला में निवासरत बच्चों से समक्ष में चर्चा अनुसार बच्चों का शैक्षणिक स्तर न्यून पाया गया। बच्चों को हिन्दी बिषय का अध्ययन करते नहीं आता, साथ ही गणित बिषय में भी बच्चों का ज्ञान शून्य है।

    शिक्षक/अधीक्षक का अध्ययन कार्य में रुचि नहीं लेते..?
    जी हाँ हम बात कर रहे है जनजातीय विभाग द्वारा संचालित आदिवासी बालक आश्रम शाला में निवासरत बच्चों की शैक्षणिक स्तर की जंहा बच्चों का शैक्षणिक स्तर बेहद ही कमजोर है

    सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग श्री सतेन्द्र सिंह मरकाम द्वारा विकासखंड परासिया के आदिवासी बालक आश्रम अम्बाड़ा में पदस्थ प्राथमिक शिक्षिका श्रीमती चारूलता ठोम्बरे एवं सुश्री ऊषा यादव को आश्रम में निवासरत बच्चों का शैक्षणिक स्तर अत्यंत न्यून पाये जाने पर तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

         सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग श्री मरकाम द्वारा शुक्रवार को विकासखंड परासिया के आदिवासी बालक आश्रम अम्बाड़ा का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान संस्था में पदस्थ प्राथमिक शिक्षिका श्रीमती चारूलता ठोम्बरे एवं सुश्री ऊषा यादव उपस्थित पाई गईं। इस दौरान आश्रम में निवासरत बच्चों से समक्ष में चर्चा अनुसार बच्चों का शैक्षणिक स्तर अत्यंत न्यून पाया गया। बच्चों को हिन्दी विषय का अध्ययन करते नहीं आता, साथ ही गणित विषय में भी बच्चों का ज्ञान शून्य है। इससे स्पष्ट होता है कि इन शिक्षकों की छात्रों के प्रति अध्ययन कार्य में रूचि नहीं है। प्राथमिक शिक्षिका श्रीमती ठोम्बरे एवं सुश्री यादव का यह कृत्य मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1965 के विरूद्ध होकर कदाचरण की श्रेणी में आता है तथा शैक्षणिक कार्य के प्रति उदासीनता को प्रदर्शित करता है।
    
      इसलिये विकासखंड परासिया के आदिवासी बालक आश्रम अम्बाड़ा में पदस्थ इन दोनों प्राथमिक शिक्षिकाओं श्रीमती ठोम्बरे एवं सुश्री यादव को मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम 9 के उपनियम (2) में दिये गये प्रावधानों के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में इनका मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी हर्रई नियत किया गया है। निलंबन अवधि में दोनों शिक्षिकाओं को नियमानुसार निलंबन भत्ते की पात्रता रहेगी।

    आदिवासी छात्रावास एंव आश्रम शाला में निरीक्षण करने वाले भी इसमें जिम्मेदार..?

    जिलें में जनजातीय विभाग द्वारा संचालित छात्रावास एवं आश्रम शालाओं का निरीक्षण करने के लिए जनजातीय विभाग ने इन छात्रावास / आश्रम शालाओं का निरीक्षण करने के लिए मंडल संयोजक, क्षेत्र संयोजक, एंव विकासखंड में बीईओ एंव जिलें में एक सहायक आयुक्त की नियुक्ति की है। लेकिन लगता नही कि यें अधिकारी कभी इन आश्रम शालाओं का निरीक्षण करते होंगे तब तो आज जिले के जनजाति कार्य विभाग द्वारा संचालित आश्रम शालाओं के बच्चों की शैक्षणिक स्तर इतना कमजोर है.. इसके लिए शिक्षक /शिक्षिकाओं के साथ साथ मंडल संयोजक/क्षेत्र संयोजक भी उतने ही जिम्मेदार है जितने शिक्षक..?

    सहायक आयुक्त ने शिक्षक /शिक्षिकाओं पर की नाराजगी जाहिर..!
    सहायक आयुक्त जनजातीय विभाग ने कक्षा एक से कक्षा पांच तक के बच्चों से गिनती, पहाड़ा व जोड़, घटना आदि के सवाल पूछे, तो वह बता नहीं सके।

    सहायक आयुक्त ने आश्रम शाला अंबाडा की दो शिक्षिकाओं को किया निलंबित…

    शिक्षा के गिरते स्तर पर सहायक आयुक्त ने संस्था में पदस्थ प्राथमिक श्रीमती चारुलता ठोम्बरे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया और निलंबन अवधि में श्रीमती चारुलता ठोम्बरे का मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी हर्रई नियत कर दिया

    दुसरी शिक्षिका पर भी निलंबन की कार्रवाई….
    आदिवासी बालक आश्रम शाला में पदस्थ दुसरी शिक्षिका सुश्री उषा यादव को भी तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए उन्हें अंबाडा आश्रम शाला से हटाकर विकासखंड शिक्षा अधिकारी हर्रई कर दिया है, सहायक आयुक्त की इस कार्यवाही से आज जनजाति कार्य विभाग में हड़कंप मच गया।

    विकासखंड शिक्षा अधिकारियों एंव मंडल संयोजक, क्षेत्र संयोजक को भी दिशा निर्देश…

    सहायक आयुक्त जनजातीय कार्यविभाग ने आज विकासखंड शिक्षा अधिकारी, मंडल संयोजक, क्षेत्र संयोजक को भी उन्होंने निर्देश दिए हैं कि जनजातीय विभाग के आश्रम शालाओं में शिक्षा के गिरते स्तर को उठाया जाए। इसके लिए वह अपने क्षेत्र के आश्रम शाला / छात्रावास पर कड़ी निगरानी रखे। समय-समय पर आश्रम शाला एवं छात्रावास में निरीक्षण कर लापरवाही करने वाले अधीक्षक व शिक्षकों पर कार्रवाई करें। इसमें कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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