इंदौर में हुई दूषित पानी की घटना से सबक ले प्रशासन…
छिंदवाड़ा(चौथा स्तंभ) इंदौर में दूषित पानी पीने से आमजन की मौत होने एवं सैंकड़ों मरीज आज भी गंभीर हालत में है। इंदौर में हुई इस अमानवीय घटना ने पूरे प्रदेश की नगर पालिका, नगर निगम की व्यवस्था की पोल खुल गई है । छिंदवाड़ा निगम प्रशासन को भी इंदौर में हुई इस दूषित पानी की घटना से सबक लेना चाहिये ।

क्योंकि नगर पालिका निगम क्षेत्र में नालियों के अंदर से पाईप लाईन गई हैं, और पानी की पाईप वर्षो पुरानी एवं पी.बी.सी. पाईप की होने के कारण नाली साफ-सफाई एवं बारिस के दिनों में जल भराव से जहाॅ-तहाॅ से टूटने और उनमें क्रेक आ जाने से क्षतिग्रस्त हो गई है जिसके कारण पेयजल की पाईप लाईन में भी गंदा एवं दूषित पानी भराने के कारण जिले में भी इंदौर जैसी घटनाओं को नकारा नहीं जा सकता ।

वर्तमान में जो नालियों की पाईप लाईट टूटी हुई थी उन्हे टायर टयूब की रबर से जोड़ा गया है, वह भी सढ़ चुके हैं, इसलिये जहाॅ-जहाॅ पाईप लाईनों में रबर बांधी गई है उस स्थान पर पूरी पाईप बदली जावे । जिससे कि इंदौर जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो । निगम प्रतिमाह तो आमजन से नल का टेक्स नियमित रूप से वसूल रहा है इसलिये आम जन को स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति करना निगम की जबावदारी है । इसलिये निगम क्षेत्र के सभी जल सयंत्रों तथा उच्च स्तरीय टंकियों का जल परीक्षण किया जावे तथा प्रदूषित पाये जाने पर आपूर्ति बंद की जावे, उच्च स्तरीय टंकियों एवं प्रत्येक वार्ड में कार्यरत कर्मचारियों से जल की गुणवत्ता का परीक्षण करवाया जाकर नगर निगम क्षेत्र में शुद्ध पेयजल सप्लायी होनी चाहिए…

