चौथा स्तंभ (छिंदवाड़ा ) शहर में कांग्रेस द्वारा किए जाने वाले प्रतीकात्मक विरोध प्रदर्शन को प्रशासन की सख्ती के चलते बीच में ही रोक दिया गया। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत कांग्रेस कार्यकर्ता सांसद के निवास के सामने ‘घंटा बजाओ’ आंदोलन करने जा रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें सत्कार तिराहे पर ही रोक लिया।

जानकारी के अनुसार, कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में यह प्रदर्शन आयोजित किया था। सत्कार तिराहे पर पुलिस बल पहले से तैनात था। जैसे ही कार्यकर्ता आगे बढ़ने लगे, पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रास्ता रोक दिया और सांसद निवास की ओर जाने की अनुमति नहीं दी।
कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए कहा कि शांतिपूर्ण विरोध करना उनका लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन सरकार के दबाव में प्रशासन आवाज़ दबाने का काम कर रहा है। वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया।
काफी देर तक नारेबाजी के बाद कांग्रेस कार्यकर्ता सत्कार तिराहे से ही वापस लौट गए।इस दौरान कोई अप्रिय स्थिति नहीं बनी, लेकिन राजनीतिक माहौल गरमाया रहा। सांसद के घर तक नहीं पहुँच पाई कांग्रेस, पुलिस घेराबंदी में सत्कार तिराहे से लौटाया गया विरोध
शहर में लोकतांत्रिक विरोध की कोशिश उस वक्त दम तोड़ गई जब कांग्रेस सांसद के घर के सामने घंटा बजाने का ऐलान कर निकली, लेकिन सत्ता-प्रशासन की संयुक्त घेराबंदी ने उसे सत्कार तिराहे पर ही रोक दिया। तय कार्यक्रम के बावजूद कांग्रेस कार्यकर्ता सांसद निवास तक पहुँचने में नाकाम रहे।

सुबह से ही सत्कार तिराहे को छावनी में तब्दील कर दिया गया था। भारी पुलिस बल, बैरिकेड्स और प्रशासनिक सख्ती इस बात का संकेत थी कि सरकार किसी भी सूरत में कांग्रेस की आवाज़ को सांसद के दरवाज़े तक पहुँचने नहीं देना चाहती। जैसे ही कांग्रेस नेताओं ने आगे बढ़ने का प्रयास किया, पुलिस ने उन्हें रोक दिया और आगे जाने से साफ इनकार कर दिया।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि यह केवल कानून-व्यवस्था का मामला नहीं, बल्कि सत्ता के इशारे पर किया गया राजनीतिक दमन है। नेताओं का कहना था कि जब सरकार सवालों से घिरती है, तब पुलिस की ढाल खड़ी कर दी जाती है। सरकार जनता को पीने का पानी नहीं पिला पा रही है और सांसद घूमने में मस्त है सीएम मिठाई खिला रहे हैं मंत्री को सवाल पूछो तो घंटा नजर आता है। जिसके विरोध में घंटा बजाकर जवाब मांगने की कोशिश को दबा दिया गया।
प्रशासन का तर्क हमेशा की तरह वही रहा—“शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए रोक लगाई गई।” लेकिन सवाल यह है कि क्या अब सांसद के घर के सामने शांतिपूर्ण प्रदर्शन भी कानून-व्यवस्था के लिए खतरा बन गया है?
करीब एक घंटे तक नारेबाजी और तीखी बयानबाज़ी के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं को सत्कार तिराहे से ही लौटना पड़ा। घंटा सांसद के दरवाज़े पर नहीं, बल्कि लोकतंत्र के हालात पर बजा—और उसकी गूंज सत्ता के गलियारों तक पहुँची या नहीं, यह आने वाला वक्त बताएगा।
भाजपा कार्यकर्ता ने भी दर्ज कराया विरोध…
कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन देखते हुए भाजपा कार्यकर्ता भी कांग्रेस का विरोध करने के लिए तैयार थे। और उन्होंने अपने नेता के घर के सामने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को आने नहीं दिया और भाजपा कार्यकर्ताओं के द्वारा भी विरोध प्रदर्शन किया गया

विवाद की आशंका के चलते पुलिस बल तैनात…
आज भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं का विरोध प्रदर्शन की आंशका के चलते पुलिस बल तैनात कर दिया गया था. पुलिस ने अंबेडकर तिराहे पर बैरिकेडिंग कर रखा था इसके अलावा कोतवाली और आसपास के थानो का बल भी सांसद निवास के आसपास मौजूद था

