राधव को ढूंढ़ रही पुलिस, बीईओ ने दर्ज कराई थी एफआईआर…
चौथा स्तंभ (छिंदवाड़ा) जिलें में इन दिनों लोग धोखाधडी करने से भी नहीं डर रहे हैं। ऐसा ही मामला दो दिन पहले देखने को मिला जंहा कलेक्टर हरेन्द्र नारायण के नाम पर फर्जी आदेश बनाने और शिक्षक के साथ धोखाधडी करने के मामले में जुन्नारदेव थानें थाने में मामला दर्ज कर लिया गया। जुन्नारदेव विकासखंड शिक्षा अधिकारी द्वारा इस संबंध में थाने में आवेदन दिया गया है। जिसमें कलेक्टर हरेन्द्र नारायण के फर्जी हस्ताक्षर का पत्र उनके कार्यालय में वाट्सअप आने की जानकारी दी गई है। जुन्नारदेव पुलिस ने बीईओ की शिकायत और ठगी का शिकार हुए निलंबित शिक्षक राकेश वाडिवा के बयान के आधार पर एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। बताया जाता है कि जुन्नारदेव विकासखंड के अंतर्गत संकुल केन्द्र हनोतिया के शासकीय प्राथमिक शाला स्कूल बड़ाढ़ाना के प्राथमिक शिक्षक राकेश वाडिवा को शराब का सेवन करने और स्कूल नहीं आने के कारण करीब 15 दिनों पहले
जालसाजी : बहाली के नाम पर शिक्षक से ठगी
25 हजार में मिला ‘कलेक्टर’ का फर्जी लेटर..

सहायक आयुक्त के द्वारा निलंबित किया गया था। निलंबन के बाद संबंधित शिक्षक को राघव मेहता नामक व्यक्ति के द्वारा मोबाइल नंबर 9755220602 नंबर से फोन किया गया। जिसने अपने आप को कलेक्ट्रेट में कर्मचारी बताते हुए उसका निलंबन समाप्त करने के नाम पर कलेक्टर हरेन्द्र नारायण का आदेश दिलाने की बात कहीं, और इस आदेश के नाम पर 50 हजार रूपए देने के लिए कहा। निलंबित शिक्षक राकेश वाडिवा ने 25 हजार रूपए आदेश देने के लिए एडवांस दिए। जिसके बाद आरोपी राघव मेहता ने एक फर्जी आदेश उसे पकड़ा दिया। जब निलंबित शिक्षक इस आदेश को लेकर ज्वाइंनिग लेने पहुंचे तो फर्जीवाडे का खुलासा हुआ।

