बहाली के नाम पर शिक्षक से ठगी,25 हजार में मिला ‘कलेक्टर’ का फर्जी आदेश…

Chautha Sthambh

बहाली के नाम पर शिक्षक से ठगी….

25 हजार में मिला ‘कलेक्टर’ का फर्जी आदेश…

चौथा स्तंभ (छिंदवाड़ा) मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा इन दिनों सुर्खियों में बना हुआ है, यंहा कभी सचिव मंत्री का फर्जी लेटर बनाकर बहाल हो जाते हैं तो कभी शिक्षक कलेक्टर का फर्जी लेटर बनाकर बहाली के लिए बीईओ आफिस पहुंच जाते है। ऐसा ही मामला आज दिखाने को मिला जंहा निलंबन से बहाली के नाम पर कलेक्टर के फर्जी आदेश का मामला सामने आया है। करीब 15 दिन पूर्व स्कूल में अनुपस्थित रहने और विद्यालय आने पर शराब सेवन करने के आरोप में ट्राइबल विभाग के सहायक आयुक्त सत्येंद्र सिंह मरकाम द्वारा हनोतिया संकुल के शासकीय प्राथमिक शाला बाढाना के शिक्षक राकेश वाडिवा को निलंबित किया गया था।

निलंबन के बाद गुरुवार को निलंबित शिक्षक जुन्नारदेव विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय पहुंचा और व्हाट्सएप पर प्राप्त एक आदेश लिपिक को सौंपते हुए बताया कि उसकी बहाली हो चुकी है। आदेश को देखने पर लिपिक को संदेह हुआ, जिसके बाद जांच में पत्र फर्जी पाया गया। दरअसल बहाली आदेश सहायक आयुक्त के नाम से जारी होना चाहिए था, जबकि फर्जी पत्र जिला शिक्षा अधिकारी के नाम से जारी किया गया था। इतना ही नहीं, पत्र पर कलेक्टर हरेंद्र नारायण की सील और हस्ताक्षर भी फर्जी पाए गए।

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  • लोक शिक्षण संचालनालय मध्यप्रदेश गौतम नगर भोपाल के आदेश क्रमांक 04/ए/2025 के आधार पर शिक्षक श्री राकेश वाडिवा शा.प्रा. शाला बडाढाना संकुल केंद्र हनोतिया विकासखंड जुन्नारदेव को निलंबन प्रक्रिया मुक्त करने के संबंधित जिला शिक्षा अधिकारी छिंदवाड़ा को सूचित किया जाता है कि शिक्षक श्री राकेश वाडिवा को निलंबन प्रक्रिया मुक्त कर पुनः बहाल किया जाता है जिला शिक्षा अधिकारी छिंदवाड़ा आदेश की प्रतिलिपि तैयार कर विकासखंड शिक्षा अधिकारी जुन्नारदेव को सूचित करें नोट_आदेश की प्रतिलिपि 30/12/2025 को तत्काल प्रभाव से लागू करें

    निलंबित शिक्षक राकेश वाडिवा ने बताया कि बहाली का आदेश दिलाने के नाम पर राघव नामक व्यक्ति ने उससे 50 हजार रुपये की मांग की थी। आरोपी ने दावा किया था कि उसकी जिला प्रशासन में अच्छी पहुंच है और कलेक्टर के नाम से आदेश दिलवा देगा। शिक्षक के अनुसार उसने 25 हजार रुपये एडवांस दिए, जिसके बाद उसे व्हाट्सएप पर बहाली का पत्र भेजा गया। पत्र मिलने के बाद शिक्षक बहाली के लिए विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय जुन्नारदेव पहुंचा, जहां उसे ठगी का अहसास हुआ। हालांकि शिक्षक के लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।

    पहले भी सामने आ चुके हैं प्रभारी मंत्री और सीईओ के नाम के फर्जी पत्र

    जिले में फर्जी आदेश पत्र का यह कोई पहला मामला नहीं है इसके पहले भी जिले के प्रभारी मंत्री राकेश सिंह और जिला पंचायत सीईओ अग्रिम कुमार के नाम से फर्जी आदेश जारी हो चुके हैं जिसके बाद पुलिस ने दोनों मामलों में आरोपियों को धर दबोचा था एक बार फिर कलेक्टर के नाम से फर्जी आदेश आना जांच का विषय बना हुआ है।

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