लिपिक और अधीक्षक के पत्र में बड़ा खुलासा, विभाग ने जारी किया कारण बताओ नोटिस
चौथा स्तंभ (छिंदवाड़ा ) मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिलें में एक अजीबो गरीब मामला समाने आया है जंहा एक सरकारी होस्टल में उपलब्ध सामग्री को अब टेंट हाऊस की तरह उपयोग में लिए जाने और लीज में दिए जाने का सनसनी खेज खुलासा हुआ है। जिसमें लिपिक और अधीक्षक के पत्र में यह बात सामने आई है। जिसके बाद जिम्मेदारों के ऊपर भी उंगली उठ रही है।
छात्रावास अधीक्षक और विभाग के बाबू का कारनामा..?
छात्रावास के कैमरे बंद कर निकाला गया फर्नीचर, रिश्तेदार के घर पहुंचा’ शहर के एक छात्रावास में सरकारी फर्नीचर चोरी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। जहां पर खापाभाट स्थित पिछडा वर्ग का छात्रावास में अधीक्षक और विभाग के बाबू ने
मिलकर फर्नीचर कैंपस से बाहर निकालकर इसे अपने रिश्तेदार को दिया है।
कलेक्टर ने दिया संबंधित विभाग को जाँच के आदेश…
कलेक्टर के निर्देश के बाद पिछड़ा वर्ग कार्यालय द्वारा मामले की पड़ताल शुरू की गई। जिसके बाद पिछड़ा वर्ग छात्रावास खापाभाट के अधीक्षक तुलाराम चौरे और पिछड़ा वर्ग विभाग में पदस्थ लिपिक सहायक ग्रेड 3 मनोज धाकड़े को इस मामले में कारण बताओ नोटिस जारी हुआ है।
बचने के चक्कर में फिर फंसे..!


पिछड़ा वर्ग छात्रावास खापाभाट में फर्नीचर निकालने का मामला जब सामने आया तो इससे बचने के लिए अधीक्षक और लिपिक ने पुरानी तारीख में एक पत्र जारी किया है। लेकिन बचने के चक्कर में लिखा गया यह पत्र अब इन्हें डूबाने में लगा हुआ है। इस पत्र में लिपिक सहायक ग्रेड 3 मनोज धाकड़े ने अधीक्षक तुलाराम चौरे को आवेदन देकर सरकारी दस्तावेज और अन्य फाइल कार्य के दौरान अपने घर पर रखने पर हॉस्टल से एक अलमारी और एक बुक रैंक मांगे है। जबकि अधीक्षक द्वारा एक अलमारी, एक बुकरेक के साथ तीन पलंग और दो गद्दे भी इस लिपिक को देकर रिसीविंग ली गई है।
अधीक्षक ने लिखा लीज पर दिए हैं पलंग अलमारी और गद्दे
सबसे बड़ी हैरानी की बात तो यह है कि विभाग के बाबू द्वारा अधीक्षक को पत्र लिखकर अलमारी और बुकरेक मांगा गया। जबकि अधीक्षक द्वारा उसे इसके साथ अन्य सामग्री लीज पर दिए जाने की बात लिखी गई है जो काफी हास्यास्पद है।

