अफसर भी हटा नहीं पा रहे वर्षों से जमे बीआरसी को…?

Chautha Sthambh

अफसर भी हटा नहीं पा रहे वर्षों से जमे बीआरसी को…?

चौथा स्तंभ (छिंदवाड़ा) जिलें के हर्रई विकासखंड में 15सालों से नेताओं एंव अधिकारी के संरक्षण के कारण बीआरसी राजकुमार सूर्यवंशी को नहीं हटाया जा रहा है, लगभग 15 सालों से स्कूल से पढ़ाई का काम छोड़ अफसरशाही में लगे जिले के हर्रई बीआरसी को आखिर कब हटाया जायेगा

आदिवासी विकासखंड हर्रई के बीआरसी राजकुमार सूर्यवंशी को स्कूल में पढ़ाने से ज्यादा अफसरशाही में आंनद आता है। यही कारण है कि कई सालों से अपने मूल काम को छोडक़र प्रतिनियुक्ति पर चले गए हैं। और वर्षों से बीआरसी हर्रई के पद पर पदस्थ है। ऐसा ही मामला छिंदवाड़ा जिले के हरई में कार्यरत बीआरसी का है। विभाग का एकादमिक कार्य करने के लिए करीब 10/15 साल पहले बीआरसी पद पर राजकुमार सूर्यवंशी की प्रतिनियुक्ति पर भेजा गया था, लेकिन प्रतिनियुक्ति अवधि समाप्त होने पर भी यह शिक्षक बीआरसी के पद पर जमे हुए हैं।

निगरानी करने वाले जिला परियोजना समन्यवयक (डीपीसी) भी यह कह कर इन बीआरसी को संभाले हुए है कि मुख्यालय से आदेश आने के बाद ही इन्हें हटाया जा सकता है, जबकि इन्ही डीपीसी ने जन शिक्षकों को अपने मूल काम पर जाने का निर्देश दिया है।

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  • दो साल पहले हर्रई बीआरसी सूर्यवंशी को हटाया गया

    जिला परियोजना समन्यवयक (डीपीसी) के द्वारा कुछ महिने के लिए हर्रई बीआरसी राजकुमार सूर्यवंशी को हर्रई ब्लॉक से बीआरसी के पद से हटा दिया गया था और उन्हें स्कूल में पढाने के लिए भेंज दिया गया था। लेकिन फिर राजकुमार सूर्यवंशी ने नेतागिरी एवं अधिकारियों की मिलीभगत कर पुनः फिर हर्रई में ही बीआरसी बन बैठे, जबकी दो साल पहले सभी ब्लॉक से बीआरसी को हटाकर परीक्षा के बाद दुसरे बीआरसी की नियुक्ति हुई थी लेकिन हर्रई मे कुछ महिने के लिए ही ये नियम का पालन हुआ बाद पुनः 15 सालों से पदस्थ बीआरसी को ही पदस्थ कर दिया गया , क्योंकि जिला परियोजना समन्यवयक (डीपीसी) इडपाची से हर्रई बीआरसी ने सेटिंग कर पुन: हर्रई में पदस्थ हो गए।

    इसलिए नहीं छोड़ रहे कुर्सी…

    दरअसल पूरा मामला कुर्सी का है। बीआरसी के पास निजी स्कूलों की मान्यता का मुख्य काम होता है। मान्यता के समय बीआरसी की स्कूल का भौतिक सत्यापन करते हैं। इसके अलावा अपने क्षेत्र के सरकारी स्कूलों और शिक्षकों पर भी दबदबा बरकरार रहता है। शिक्षक से सीधे अफसरशाही का सम्मान मिलता है।

    हर्रई के बीआरसी राजकुमार सूर्यवंशी के पास दो जगह का चार्ज

    छिंदवाड़ा जिले के आदिवासी विकासखंड इन दोनों कमाई का जरिया बन चुका है यहां पर रहने के लिए बीआरसी पद में रहने के लिए अधिकारी को देते है मोटी रकम देते हैं। और इन्हे का फायदा अधिकारी उठाते है और बीआरसी के साथ साथ सनराइज जैसी स्कूलों का भी चार्ज लेकर रखते हैं जिससे उनकी कमाई कई गुना बढ़ जाती है ऐसा ही मामला हर विकासखंड में देखने को मिला जहां हर्रई बीआरसी के पास दो और अन्य स्कूलों का चार्ज है..! और महोदय जी छिंदवाड़ा से आना जाना करते है आपनी कार में जिसके कारण कभी क्षेत्र के स्कूलों का निरीक्षण तक नही करते है, उन्हें नहीं मालूम होता है कि ब्लॉक में कितने और कहा कहा प्राईवेट स्कूल संचालित हो रहे है

    डीपीसी कहते है पोस्टिंग होती है भोपाल से….

    पूरे मामले में जिला परियोजना समन्वयक जगदीश इडपाची हर्रई बीआरसी राजकुमार सूर्यवंशी को बजने नजर आ रहे हैं सूत्रों की मानो तो राजकुमार सूर्यवंशी की पोस्टिंग भी डीपीसी के माध्यम से हुई है जिस के कारण डीपीसी बचते नजर आ रहे है और उनका कहना कि बीआरसी पद के लिए राज्य शिक्षा केंद्र से नियुक्ति होती है। इसके अलावा बीआरसी पद के लिए परीक्षा भी देना होती है। जबकि परीक्षा के बाद हर्रई में बीआरसी के पद में डेहरिया सर की नियुक्ति हुई थी लेकिन कुछ ही महिने में डीपीसी ने उन्हें हटा दिया और पुनः राजकुमार सूर्यवंशी को बीआरसी को बना दिया और डीपीसी का कहना है कि इसमें हम कुछ नहीं कर सकते हैं। शिकायत होगी तो हटाकर मूल विभाग में भेज दिया जाएगा। लेकिन डीपीसी महोदय जी 15सालों से क्या कोई शिकायत नही आई और कुछ ही महिने में डेहरिया बीआरसी को हटाने के लिए आपके पास शिकायत आ गई थी

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