जनजातीय कार्य विभाग को एक अधीक्षक कैसे चला रहा आपने इशारे पर….?

Chautha Sthambh

जनजातीय कार्य विभाग को एक अधीक्षक कैसे चला रहा आपने इशारे पर….?

15 सालों से छात्रावास अधीक्षक के पद से नही हटा पाया कोई अधिकारी…?

आखिर क्यों नतमस्तक है सहायक आयुक्त कैलाश के सामने…?

चौथा स्तंभ (छिंदवाड़ा) मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिलें के जनजातीय कार्य विभाग में एक ऐसा प्राथमिक शिक्षक है जो कई बरसों से छात्रावास अधीक्षक के पद पर पदस्थ है,लेकिन उसे हटाने वाला आज तक कोई जनजातीय विभाग में अधिकारी नहीं आयें!

- Advertisement -
  • हर्रई ब्लॉक के अधीक्षक कैलाश सूर्यवंशी के सामने आखिर क्यों है सहायक आयुक्त नतमस्तक..?

    जी हाँ हम बात कर रहे है जिलें में एक ऐसे अधीक्षक की जो आपनी मनमर्जी से नौकरी करता है और उसे जो भी जनजातीय विभाग द्वारा संचालित छात्रावास का अधीक्षक बनने रहता है वह बन जाता है उसे रोकने वाला कोई नहीं होता आखिर क्यों जिले में बैठे सहायक आयुक्त भी इस अधीक्षक की बात मानते हैं, इसके पीछे आखिर क्या मजबूरी हैं, कोई आज तक नही समझ पाया है..

    छात्रावास अधीक्षक (प्राथमिक शिक्षक) कैलाश चंद सूर्यवंशी कई बार हो चुका है निलंबित…..

    हर्रई विकासखंड में पदस्थ प्राथमिक शिक्षक (अधीक्षक) कैलाश सूर्यवंशी की लापरवाही के कारण उन्हें जनजातीय विभाग ने कई बार निलंबित कर चुके हैं, लेकिन महाशय की पहुंच इतनी ज्यादा है कि यदि निलंबित भी हो जाते है या उन्हें अधीक्षक के पद से हटा दिया जाता है,तो बस
    कुछ ही दिनों बाद उन्हें फिर विभाग बहाल कर देता हैं आखिर कैलाश चांद सूर्यवंशी के ऊपर हाथ है किसका..!

    न्यायालय के आदेश को भी नहीं मान रहे हैं जनजाति कार्य विभाग के सहायक आयुक्त….

    सूत्रों की जानकारी के अनुसार इन दिनों जनजातीय कार्य विभाग छिंदवाड़ा के सहायक आयुक्त एक अधीक्षक कैलाश चंद सूर्यवंशी को अधीक्षक बनाने के लिए न्यायालय का भी आदेश में आंशिक संशोधन कर देते हैं, और इस काम को उनका सबसे भरोसेमंद बाबू कहो या शिक्षक सुभाष देशपांडे फिर उनकी कानूनी बुद्धि चलते हैं और फिर उनकी गणित चालू हो जाती है, जहां पर इन्हें मुनाफा दिखता है वह सब उल्टे सीधे काम कर देते हैं और इस काम में भले ही विवाह की छवि धूमिल हो उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता इसलिए कहना गलत नही होगा कि इन दिनों छिंदवाड़ा का सहायक आयुक्त कार्यालय भगवान भरोसे चल रहा है, इसकी मुख्य वजह है सहायक आयुक्त कार्यालय जनजाति कार्य विभाग छिंदवाड़ा में पदस्थ एक शिक्षक सुभाष देशपांडे जो विगत 10/15 सालों से अटैचमेंट पर कार्यालय में बाबू गिरी करता है और लगभग न्यायालय प्रकरण से लेकर स्थापना शाखा के सभी काम यह देखता है इसकी मर्जी के बिना विभाग के कोई भी काम नहीं होते जैसे ट्रांसफर हो किसी का अटैचमेंट हो किसी का न्यायालय प्रकरण हो या फिर पेंशन संबंधित, अनुकंपा नियुक्ति संबंधित कोई भी काम हो सुभाष देश पांडे के बिना कोई काम नहीं होता है। सहायक आयुक्त भी इन से पूछे बिना कोई भी कागज में साइन नही करते है, इसी का फायदा कई बार देशपांडे साहब उठा लेते है और कई ऐसे आदेश में भी साइन करा लेते है जिसमें इनका भी फायदा हो जाता है… ऐसा ही एक आदेश सुभाष देशपांडे ने कैलाश सूर्यवंशी का बनाए हैं जिसमें न्यायालय के आदेश में भी आंशिक संशोधन कर दियें और कैलाशचन्द्र सूर्यवंशी प्राथमिक शिक्षक आदिवासी बालक आश्रम अंग्रेजी माध्यम हर्रई का अधीक्षक बना दिया गया।

    जबकि न्यायालय का आदेश उन्हें पढ़ने के लिए हुआ था। और सहायक आयुक्त ने माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर में प्रचलित प्रकरण कमांक डब्लू पी 35974/2025 में पारित निर्णय के परिपालन में कार्यरत संस्था में शैक्षणिक कार्य करने हेतु कार्यभार ग्रहण करने की अनुमति प्रदान की गई। उक्त आदेश में आंशिक संशोधन कर श्री कैलाश चन्द्र सूर्यवंशी को आदिवासी बालक आश्रम अंग्रेजी माध्यम हर्रई में अध्यापन कार्य के स्थान पर अधीक्षक के पद पर कार्य करने हेतु आदेशित किया जाता है संशोधित कर पढा जावे। ऐसा आदेश बनाकर कैलाश सूर्यवंशी को दोबारा उसी अंग्रेजी माध्यम बालक आश्रम शाला में पढाने की जगह अधीक्षक बना दिया गया जिसमें स्पष्ट प्रतीत होता है कि जिले में बैठे सहायक आयुक्त भी अब न्यायालय के आदेश का पालन नहीं कर रहे हैं…

    Share This Article
    Leave a Comment

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *