पांढुर्णा जिले में विकसित हो रहा “हनुमान लोक”
पांढुर्ना (चौथा स्तंभ) पांढुर्णा जिले में विकसित हो रहा “हनुमान लोक” आज आस्था, संस्कृति और क्षेत्रीय विकास की एक अद्भुत सफलता गाथा बनकर उभर रहा है। भगवान हनुमान की विविध लीलाओं और दिव्य स्वरूपों को समर्पित यह भव्य तीर्थस्थल न केवल भक्तों को आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान करेगा, बल्कि पांढुर्णा जिले को नई पहचान और पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इस परियोजना में भगवान हनुमान के जीवन, वीरता और पौराणिक प्रसंगों को आकर्षक मूर्तियों, वास्तुकला और कलात्मक कृतियों द्वारा सजीव रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। विशेष रूप से “पंचमुखी हनुमान अवतार” को अत्यंत भव्य रूप में दर्शाया जाएगा, जिसमें हनुमान जी ने अहिरावण का वध करने हेतु पंचमुखी रूप धारण किया था। साथ ही सुवर्णरेखा की कथा जैसे दिव्य प्रसंगों को भी अद्भुत कलात्मक शैली में समाहित किया जाएगा।
कमलेश तिवारी,पुजारी हनुमान मंदिर
वीओ 2-प्रस्तावित” स्वरूप में है और इसका निर्माण कार्य विभिन्न चरणों में प्रगति पर है। “श्री हनुमान लोक पांढुर्णा” का निर्माण जामसांवली के प्रसिद्ध हनुमान मंदिर के निकट किया जा रहा है, जिसमें पहले चरण के तहत 26.50 एकड़ भूमि पर ₹35 करोड़ की लागत से भव्य निर्माण किया जा रहा है। इसमें मराठवाड़ा शैली का आकर्षक प्रवेश द्वार, 500 मीटर लंबा विशाल गलियारा, बाल हनुमान को दर्शाती कलाकृतियाँ एवं विशाल मूर्तियाँ, एक सामुदायिक केंद्र, आधुनिक सार्वजनिक सुविधाएँ और आयुर्वेदिक चिकित्सालय भी शामिल होंगे।
-पंडित
वीओ- नए वर्ष पर हर साल डेढ़ से 2 लाख भक्त भगवान के दर्शन के लिए यहां पहुंचते हैं देश भर से लोग यहां पर दर्शन करने के लिए आते हैं भक्तों की सुरक्षा और दर्शन व्यवस्था के लिए ट्रस्ट द्वारा पुख्ता इंतजाम किए गए हैं और जल्द ही प्रथम फेस को भक्तों के लिए ओपन कर दिया जाएगा।

