सरकारी संपत्ति का दुरुपयोग : खापाभाट स्थित obc छात्रावास का वीडियो हो रहा वायरल….
अधीक्षक और obc ऑफिस का बाबू का कारनामा…
होस्टल के कैमरे बंद कर निकाला गया फर्नीचर, रिश्तेदार के घर पहुंचा
छिंदवाड़ा(चौथा स्तंभ)
शहर के खापाभाट स्थित पिछड़ा वर्ग के छात्रावास से सरकारी फर्नीचर चोरी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। खापाभाट के स्थित पिछड़ा वर्ग के छात्रावास का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें रात के अंधेरे में छात्रावास अधीक्षक तुलाराम चौरे और विभाग के बाबू मनोज धाकडे ने मिलकर फर्नीचर बाहर निकालने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

छात्रावास में रह रहे विद्यार्थियों का आरोप है कि घटना के वक्त जानबूझकर छात्रावास के सीसीटीवी कैमरे बंद कर दिए गए। इसके बाद एक ऑटो रिक्शा बुलाकर उसमें अलमारी, पलंग, गद्दे, तकिया और चादर जैसे जरूरी फर्नीचर लादे गए। बताया जा रहा है कि यह ऑटो धर्म टेकड़ी के पास एक घर पर रुका,

जहां सारा सामान उतार दिया गया। सूत्रों के मुताबिक जिस घर में यह फर्नीचर पहुंचाया गया, वह कलेक्ट्रेट कार्यालय में पिछड़ा वर्ग के ऑफिस में पदस्थ उसी बाबू के साले का बताया जा रहा है। सरकारी संपत्ति को निजी लाभ के लिए चोरी कर रिश्तेदार को सौंपने का यह
मामला अब सुर्खियों में आ गया है। घटना का वीडियो सामने आने के बाद विद्यार्थियों का कहना है कि एक ओर वे बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझ रहे हैं, वहीं जिम्मेदार अधिकारी ही छात्रावास की संपत्ति की चोरी करने में लगे हुए हैं।
परिसर में आकर पसंद कर ले गए समान…
सूत्रों का दावा है कि कलेक्ट्रेट कार्यालय में पदस्थ बाबू बीते दिन अपनी पत्नी और साले के साथ छात्रावास पहुंचे थे। जिन्होंने अधीक्षक के साथ मिलकर छात्रावास में रखे फर्नीचर का अवलोकन किया इसके बाद उनके द्वारा जो फर्नीचर यानि आलमारी, पलंग, गद्दे, ताकिया, चादर पसंद किए गए उसे ऑटो पर रखकर परिसर के बाहर भेज दिया गया। इस दौरान परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे बंद कर दिए गए थे।
दो घंटे बंद रहा सीसीटीवी कैमरा…
बताया जाता है कि खापा भाट स्थित इस छात्रावास में कलेक्ट्रेट के बाबू, उनकी पत्नी और साले के आने के बाद साढ़े 6 से साढ़े 8 बजे तक लगभग दो घंटे सीसीटीवी कैमरा बंद रखा गया था यदि विभाग द्वारा मामले की जांच भी की जाए तो इस दौरान यहां पर आई ऑटो और इसमें जाता हुआ समान दिखाई नहीं देगा सिर्फ वायरल वीडियो में ही इसे देखा जा सकता है।
पिछड़ा वर्ग के ऑफिस में पदस्थ बाबू मनोज धाकडे का कहना….
जब इस बिषय में सहायक संचालक पिछड़ा वर्ग अल्पसंख्यक कल्याण तथा विमुक्ति जनजाति विकास छिंदवाड़ा के बाबू से बात कि गई तो उनका कहना है कि हाँ मेंने फर्नीचर तो ले गया हूं और गलती तो हुई है। अब जो करना है विभाग के अधिकारी मेरे ऊपर जो कार्रवाई करें उससे मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता….
सहायक संचालक का क्या कहना है…
सहायक संचालक से जब इस बिषय में बात हुई तो उनका कहना है कि मामलों की जानकारी मुझे है और जाँच टीम नियुक्ति की गई,उसकी जो भी रिपोर्ट आयेगी, उसके बाद निश्चित ही कार्रवाई की जाएगी और मामला सिद्ध होने पर इन पर एफआईआर दर्ज की जाएगी..

