क्या नेतागिरी कर रहे शिक्षक?
आखिर क्यों जाना पड़ा पार्टी कार्यालय?
क्या अधिकारियों पर नहीं रहा भरोसा!
छिन्दवाड़ा(चौथा स्तंभ)हर्रई विकासखंड शिक्षा अधिकारी को हटाने के लिए विकासखंड की कुछ शिक्षक कई दिनों से लामबंद है शिक्षकों का आरोप है कि 15 सालों से हर्रई के विकासखंड शिक्षा अधिकारी प्रकाश कालम्बे जमे हुए हैं और वे अवैध उगाही कर रहे हैं इसके साथ ही शिक्षकों को प्रताड़ित कर रहे हैं और कुछ शिक्षकों के साथ भेदभाव का भी उन्होंने आरोप लगाया है इसकी शिकायत उन्होंने स्थानीय अधिकारियों से लेकर जिला स्तर के अधिकारियों तक भी किया इसके बाद जनजातिय कार्य विभाग के सहायक आयुक्त ने विकासखंड शिक्षा अधिकारी को कारण बताओं नोटिस भी जारी किया है।
अधिकारियों पर नहीं रहा भरोसा पार्टी कार्यालय में लगाई हाजरी।
अभी तक देखा गया है कि कोई भी कर्मचारी अगर अपने वरिष्ठ या कनिष्ठ अधिकारियों की शिकायत करता है तो भी प्रशासनिक गलियारों और दफ्तरों तक सीमित रहते हैं और कार्यवाही भी इन्हीं दफ्तरों से होती है लेकिन शायद अब हर्रई के शिक्षकों को अपने वरिष्ठ अधिकारियों पर भरोसा नहीं रहा है इसलिए वरिष्ठ अधिकारियों से मिलने के बाद भी एक राजनीतिक दल के जिला अध्यक्ष को भी शिकायत देने पहुंचे और बाकायदा पार्टी कार्यकर्ता की तरह पार्टी कार्यालय में बैठकर अपनी कहानी सुनाई इससे साफ जाहिर होता है कि शिक्षक जिन्हें ज्ञान का भंडार कहा जाता है वे खुद ही अब ऐसे करनामे कर रहे हैं जो हास्यास्पद हैं।
मीडिया ने पूछा सवाल हक्के-बक्के रह गए आंदोलनकारी।
रविवार को हर्रई विकासखंड के कुछ शिक्षक कलेक्टर कार्यालय में ज्ञापन देने पहुंचे थे ज्ञापन में हर्रई विकासखंड शिक्षा अधिकारी के खिलाफ कई आरोप लगाए गए थे जब इन आरोपों के सबूत के बारे में मीडिया ने आंदोलनकारी शिक्षकों से पूछा तो वह जवाब नहीं दे पाए मीडिया का कहना था कि वरिष्ठ अधिकारियों को आपके द्वारा लगाए गए आरोपों के सबूत पेश कर दिए जाने चाहिए ताकि विधिवत कार्रवाई हो सके लेकिन शिक्षकों ने उल्टा मीडिया पर ही आरोप लगाते हुए कहा कि हम जिसकी शिकायत करने आए हैं मीडिया उसका बचाव कर रही है।

