परासिया के चांदामेटा रोड में एक सफाई कर्मी सुबह-सुबह अपनी ड्यूटी कर वापस लौट रहा था एलआईसी दफ्तर के सामने एक गाय ने अचानक उस पर हमला कर दिया…

Chautha Sthambh

छिन्दवाड़ा(चौथा स्तंभ)परासिया के चांदामेटा रोड में एक सफाई कर्मी सुबह-सुबह अपनी ड्यूटी कर वापस लौट रहा था एलआईसी दफ्तर के सामने एक गाय ने अचानक उस पर हमला कर दिया जैसे ही वह अपनी जान बचाने के लिए भागा तो पीछे से आ रही एक बाइक से टकरा गया लेकिन इसके बाद भी गाय ने सफाई कर्मी पर हमला करना नहीं छोड़ा पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हुई है।

गाय ने बीच सड़क में किया जानलेवा हमला बाल बाल बच्चे लोग

परासिया नगर पालिका का सफाई कर्मी विष्णु अपनी ड्यूटी के बाद पैदल वापस लौट रहा था इसी दौरान चांद ना मीठा रोड में एलआईसी दफ्तर के पास सामने से आ रही है गाय ने अचानक विष्णु पर हमला कर दिया विष्णु खुद को बचाने के लिए रोड के दूसरी तरफ भागा तो पीछे से आ रही एक बाइक से जा टकराया बाइक में सवार महिला पुरुष बाइक समेत जमीन पर धर्म से जा गिरे इसके बाद भी गाय ने विष्णु पर हमला करना नहीं छोड़ा जैसे तैसे विष्णु एक दुकान की पर मैं जा घुसा वहां पर गाय ने विष्णु को जमकर पटका विष्णु अपनी जान बचाकर फिर भाग तो डिवाइडर कूदने के बाद गाय ने वहां पर दो लोगों पर और हमला किया इसके बाद एक महिला के पीछे पड़ गई महिला भी मुश्किल से अपनी जान बचा पाई कुछ लोगों ने गाय को डराया धमकाया तब जाकर गए पीछे हटी।

नगर पालिका और प्रशासन पर उठ रहे सवाल।

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  • परासिया के स्थानीय पत्रकार प्रशांत शैलके ने बताया कि परासिया में जानवरों से प्यार करने वाले बहुत मिलेंगे लेकिन इंसानों की जान के रखवाले कम मिलते हैं उन्होंने बताया कि गाय ने जैसे ही सफाई कर्मी विष्णु पर हमला किया दो लोग उसे बचाने पहुंचे थे उन दो लोगों पर भी गाय ने हमला किया आवारा पशु शहर और सड़कों पर लगातार घूमते हुए पाए जाते हैं इस मामले में कई बार लोगों ने नगर पालिका में शिकायत भी की और मीडिया ने इन मुद्दों को उठाया भी है लेकिन ना तो नगर पालिका ध्यान देता है और ना ही प्रशासनिक अमला कोई कार्रवाई करता है इसका नज़ारा आज सड़क पर नजर आया जिससे कई लोगों की जान मुश्किल में आ गई थी।

    शहर में नहीं है कांजी हाउस आवारा घूमते हैं पशु।

    स्थानीय निवासी प्रशांत तिवारी ने बताया कि परासिया में कोई कांजी हाउस भी नहीं है जहां पर आवारा पशुओं को रखा जा सके इसलिए अधिकतर पशु सड़कों पर ही नजर आते हैं सुबह जब स्कूल और दफ्तर जाने का समय होता है उस दौरान सिंह वाहिनी चौक से लेकर केंद्रीय विद्यालय पहुंचने तक के रास्ते में आवारा पशुओं का जमावड़ा रहता है जहां पर सड़क से निकलना भी मुश्किल होता है ऐसे समय में अगर छोटे बच्चों पर ऐसी कोई गाय या सांड हमला कर दे तो बड़ी दुर्घटना हो सकती है।

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