किसानों का छलका दर्द.. साहब 500किलो मक्का खरीदा लेकिन जब मंडी में बेचने गया तो 1किलो बेचने के बाद भी एक पानी की बोतल भी नही मिली किसानों को..?

Chautha Sthambh

किसानों का छलका दर्द.. साहब 500किलो मक्का खरीदा लेकिन जब मंडी में बेचने गया तो 1किलो बेचने के बाद भी एक पानी की बोतल भी नही मिली किसानों को..?
छिंदवाड़ा (चौथा स्तंभ) मध्यप्रदेश में इन दिनों किसानों आपनी फसल के रेट नही मिलने के कारण परेशान हो रहे है, किसानों का कहना है कि साहब जब हम खेंतो में मक्का लगाते समय 500किलो का बीज खरीद कर लगाया था लेकिन जब मंडी में बेचने गया तो 1किलो बेचने गया तो एक पानी की बोतल भी नही मिल रही है यह हालत आज पूरे मध्यप्रदेश में मक्का किसानों के है। छिंदवाड़ा के पूर्व सांसद और कांग्रेस के नेता नकुलनाथ ने कृषि उपज मंडी कुसमी में किसान बचाओ आंदोलन रैली के दौरान मोहन सरकार और मोदी सरकार पर जमकर निशाना सदा उन्होंने कहा कि जब खेतों में बीज लगाने के लिए किस मक्का खरीद रहा था तो 500 से ₹600 में 1 किलो मक्का मिल रही थी जब वही मक्का पकाने के बाद किसान कृषि उपज मंडी पहुंचता है तो किसानों को 1 किलो मक्का बेचने के बाद एक पानी की बोतल अपने लिए नहीं खरीद पा रहा है। यह हालत आज मध्य प्रदेश में मक्का किसानों के हैं। मक्के के दाम बढ़ाने की मांग को लेकर पूर्व सांसद और कांग्रेस के नेता नकुलनाथ ने कृषि उपज मंडी छिंदवाड़ा में प्रदर्शन करते हुए मोहन सरकार को जमकर घेरा है।

1 किलो मक्का बेचने के बाद एक पानी की बोतल भी नहीं खरीद पा रहा किसान।

छिंदवाड़ा के पूर्व सांसद और कांग्रेस के नेता नकुलनाथ ने कृषि उपज मंडी कुसमैली में किसान बचाओ आंदोलन रैली के दौरान मोहन सरकार और मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा उन्होंने कहा कि जब खेतों में बीज लगाने के लिए किसान मक्का खरीद रहा था तो 500 से ₹600 में 1 किलो मक्का मिल रहा था जब वही की मक्का पकने के बाद मंडी में पहुंचा है तो किसान 1 किलो मक्का बेचने के बदले एक पानी की बोतल अपने लिए नहीं खरीद पा रहा है मध्य प्रदेश की भाजपा और केंद्र की मोदी सरकार ने किसानों की हालत बर्बाद कर दी है जब मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी तो सबसे पहले उन्होंने किसानों का कर्ज माफ करना शुरू किया था लेकिन कुछ महीनो बाद ही भाजपा ने खरीद फरोख्त कर उनकी सरकार गिरा दी कमलनाथ की सरकार के दौरान छिंदवाड़ा में कॉर्न फेस्टिवल भी लगाया गया था और छिंदवाड़ा को कॉर्न सिटी का तमगा दिया गया था उस समय मक्के के दाम 2500 रुपए क्विंटल हुआ करते थे महंगाई हर चीज में बढ़ रही है लेकिन किसानों की उपज के दाम कम हो रहे हैं।

झूठ बोलती है बीजेपी किसानों सरेआम ठग रही है।

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  • केंद्र की मोदी सरकार बोलती है कि मक्के को 24 सौ रुपए क्विंटल खरीदेंगे लेकिन मप्र की मोहन सरकार 900 सौ रुपए में खरीद रही है। यह सांप झूठ है कि एक तरफ बात करते हो कि समर्थन मूल्य में हम खरीदेंगे लेकिन मोहन सरकार मोदी की बात नहीं मान रही है वहीं उत्तर प्रदेश में समर्थन मूल्य पर मक्का खरीदा जा रहा है तो फिर मध्य प्रदेश में क्यों नहीं क्योंकि दोनों जगह तो मोदी के इशारों पर चलने वाली भाजपा सरकार है। यह सरेआम ठगी हो रही है किसी भी चीज का मूल निर्धारण होने के बाद काम में खरीदना चोरी होता है लेकिन किसानों को सरेआम ठगा जा रहा है।

    किसानों से सबूत माँगा जा रहा है।

    नकुलनाथ ने कहा कि 3 महीने पहले खाद की कालाबाजारी और किसानों को ठगने के मामले में बड़ा आंदोलन किया था जिसके बाद भाजपा सरकार ने डर कर खाद किसानों को देना शुरू किया था अब एक नया नियम निकाला है जिसमें किसानों से सबूत मांगा जा रहा है कि क्या वह किसान है उसके बाद पटवारी बताएगा और फिर उसे खाद दी जाएगी क्या भाजपा को नहीं पता है कि जिनकी दम पर उनके घर में खाना बनता है और उनका पेट भर रहा है वह अन्नदाता की पहचान जरुरी है।

    मोहन सरकार को चेतावनी मक्के के दाम बढाओ नहीं तो आंदोलन के लिए तैयार हो जाओ।

    नकुलनाथ ने मध्य प्रदेश की मोहन सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि 2400 नहीं किसानों से ₹3000 प्रति क्विंटल मक्का खरीदो वरना पूरे मध्य प्रदेश में कांग्रेस किसानों के हक में सड़क पर उतरेगी और उसकी जिम्मेदार सरकार होगी जब कमलनाथ की सरकार थी तो हमने मक्का ₹25 प्रति कुंतल खरीद कर ₹200 बोनस भी दिया था जब 4 साल पहले यह दाम थे तो अब और दाम बढ़ने चाहिए। नकुलनाथ ने कहा कि अगर ₹2400 प्रति क्विंटल से कम मंडी में बोली शुरू हुई तो वह भाजपा के दलालों को चेतावनी देते हैं कि उन पर भी एक्शन लिया जाएगा।

    ₹1500 क्विंटल तक किसानों को मिल रहे हैं मक्के के दाम।

    दरअसल केंद्र सरकार ने मक्का खरीदी करने के लिए समर्थन मूल्य 2400 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया है लेकिन मध्य प्रदेश सरकार समर्थन मूल्य पर मक्के की खरीदी नहीं कर रही है जिसकी वजह से किसानों को कृषि उपज मंडी और निजी व्यापारियों को मक्का बेचना पड़ रहा है कृषि उपज मंडी में मक्के के दाम ₹900 से लेकर ₹1500 क्विंटल तक बिक रहा है इसलिए किसानों की लागत मूल्य निकलना भी मुश्किल हो रहा है इसी को लेकर लगातार कांग्रेस अब आंदोलन कर रही है।

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