स्कूल में बच्चों को पढाने की जिम्मेदारी छोड़, गुरु जी सुभाष देशपांडे को रास आ गया बाबू गिरी….

Chautha Sthambh

स्कूल में बच्चों को पढाने की जिम्मेदारी छोड़, गुरु जी सुभाष देशपांडे को रास आ गया बाबू गिरी….

गुलाबरा से संचालित करते है गुरु जी अपना ऑफिस….

छिदंवाडा(चौथा स्तंभ) जिलें के जनजातीय विभाग में इन दिनों सुभाष गुरु जी का राज चल रहा है, क्योंकि इन के बिना सहायक आयुक्त कार्यालय में काम नहीं होता है। सहायक आयुक्त कार्यालय में विभाग में दर्जनों बाबू है।लेकिन इनके बिना विभाग की अधिकाश शाखाओ का काम नही होता है, इसलिए लगता है सहायक आयुक्त महोदय को भी इसलिए कोई दुसरा बाबू रास नहीं आता है, लगता है कि सुभाष गुरु जी (शिक्षक) का वन टू का फोर बाल काम ज्यादा पसंद आ रहा है। सूत्रो की जानकारी के अनुसार साहब भी , गुरु जी के बिना पूछे विभाग का कोई भी काम नहीं करते इन से पूछकर ही करते है चाहे किसी शिक्षक को हटाना हो या किसी शिक्षक को अटैचमेंट में रखना हो,किसी को अधीक्षक बनाना हो, किसी की अनुकंपा नियुक्ति संबंधित काम हो या कोई भी न्यायालय संबंधित काम इन के बिना पूछे साहब भी नहीं करते है…

गुरु जी के धर से चलते हैं ऑफिस…..
जी हाँ हम सही कह रहे है, सूत्रों की जानकारी के अनुसार इन दिनों जनजातीय कार्य विभाग के आधे से ज्यादा शाखाओं का नाम गुरु जी के धर से चल रहा यदि कोई भी आदेश बनाना होता है तो विभाग का एक चपरासी बाकायदा गुरुजी के घर जाकर आदेश लेकर आता है उसके बाद ही साहब उसमें हस्ताक्षर करते है, आप सोच रहे होगें कि ऐसा क्यों होता है सहायक आयुक्त कार्यालय से भी काम हो सकता है, लेकिन नहीं साहब यंहा काम करने से दुसरे बाबू देख लेते है इसलिए गुरु जी पूरे गोपनीय तरीके से काम करते हैं, गुरुजी किसी भी समय (रातों-रात ) आदेश बना देते है विभाग के आधे से ज्यादा बाबू या कहो संबंधित शाखा के बाबू को भी नहीं मालूम होता कि यह आदेश कब बन गया…

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  • गुरुजी वर्तमान में कटकूही है स्कूल में है पदस्थ…

    जिलें के जनजातीय विभाग के स्कूलों में पहले ही शिक्षकों की कमी चल रही है, इसके बाद भी कुछ शिक्षक अटैचमेंट(मौखिक) पर अभी भी कार्यालय में पदस्थ है और कार्य कर रहे हैं, इसी तरह कार्यालय सहायक आयुक्त जनजातीय विभाग में सुभाष देशपांडे कई सालों से अटैचमेंट (मौखिक)पर सहायक आयुक्त कार्यालय पर पदस्थ है, सहायक आयुक्त ने दिखावा के लिए सिल्लेवानी बालक आश्रम शाला से स्थानांतरण कर इन्हें जुन्नारदेव विकासखंड के कटकूही स्कूल में पदस्थ कर दिया गया है, लेकिन गुरु जी ने आज तक स्कूल का दर्शन नहीं किया होगा , जबकि इस संबंध में आयुक्त जनजातीय विभाग ने निर्देश जारी किया था कि अब अटैचमेंट पर लगे शिक्षकों को मूलशाला वापस किया जावें लेकिन आदेश जारी होने के बाद भी जनजाति विभाग के सहायक आयुक्त की मेहरबानी से अटैचमेंट पर नौकरी कर रहे है, और जिलें के जनजाति विभाग में आदेश जारी होने के बाद भी आदेशों का पालन नही हो रहा है..

    बच्चों को पढाने की जिम्मेदारी छोड़ गुरुजी (सुभाष देशपांडे) को रास आ रहा बाबू गिरी…

    नियमों का पालन कराने वाले ही नियमों की कर रहे अनदेखी..
    जनजातीय विभाग के स्कूलों में पहले ही शिक्षकों की कमी चल रही है, इसके बाद भी सुभाष देशपांडे सहायक शिक्षक को बच्चों को पढाने की बजाय सहायक आयुक्त कार्यालय में बाबू गिरी में लगे हुए है, खास बात ये है कि नियमों का पालन कराने वालें सहायक आयुक्त खुद ही उच्च अधिकारियों के आदेश का पालन नहीं कर रहे है , विधालय में छात्रों को पढाने की जिम्मेदारी छोड पिछले कई बरसों से शिक्षक सहायक आयुक्त कार्यालय में बाबू गिरी का कार्य कर रहे.. जनजाति विभाग द्वारा आदेश जारी कर ऐसे अध्यापकों को उनके मूल पद पर भेज कर उनकी सूचना आयुक्त कार्यालय जनजाति कार्य विभाग भोपाल को भेजना तलब किया है। इसके बावजूद भी जिम्मेदार अधिकारी विभागीय आदेशों को ठेंगा दिखा रहे हैं।

    बच्चों के भविष्य के साथ किया जा रहा खिलवाड़…

    सुभाष देशपांडे सहायक शिक्षक कटकूही स्कूल में कार्यरत है लेकिन छात्रों को पढाने की बजह वो सहायक आयुक्त कार्यालय में बाबू गिरी कर रहे हैं, सूत्रों की जानकारी के अनुसार करीब 12/15 सालों से अटैचमेंट (मौखिक)में ही लगातार सहायक आयुक्त कार्यालय में बाबू गिरी कर रहे हैं..

    टीप- अगली खबर में देखें 90 लाख का पुणे में बांग्ला कैसे खरीदा आखिर कौन है वह..?

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