भारिया जनजाति के बच्चों की पुकार.. साहब जी हमें भी शिक्षा दे दीजिये, हम भी पढ़ना चाहते हैं..?

Chautha Sthambh

भारिया जनजाति के बच्चों की पुकार.. साहब जी हमें भी शिक्षा दे दीजिये, हम भी पढ़ना चाहते हैं..?

आदिवासी अचंल में अतिथि शिक्षक के भरोसे चल रहे शिक्षक विहिन स्कूलें,…

छिंदवाड़ा (चौथा स्तंभ) जिलें के आदिवासी अंचल में शिक्षा की स्थिति बद से बदतर – तामिया ब्लॉक के पातालकोट क्षेत्र के कई स्कूलों में तो शिक्षक ही नहीं, कैसे शिक्षित होंगे आदिवासी के बच्चे…

प्रशासन भले ही शिक्षा सुधारने के लाखों कोशिश, नही सुधर रही शिक्षा व्यवस्था…?

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  • केंद्र एवं राज्य सरकार भले ही शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए लाख कोशिश कर ले, लेकिन जनजातीय विभाग की ढीलपोल नीति सारे प्रयासों पर पलीता लगा रही है। शिक्षक विहीन शालाएं, पांच-पांच कक्षाओं की शालाओं में एक-एक शिक्षक वो भी अतिथि, ऐसे में कैसे अच्छे परिणामों की कल्पना की जा सकती है। ये हकीकत है आदिवासी अंचल तामिया के पातालकोट और आदिवासी बाहुल्य ग्रामों की शालाओं की, जहां अतिथि शिक्षक के भरोसे शालाएं संचालित हो रही है। शिक्षकों के अभाव में बच्चों के भविष्य पर भी अंधकार नजर आ रहा है।

    भारिया जनजाति के लिए लाखों खर्च,, लेकिन फिर भी नहीं मिल पा रही उनके बच्चों को अच्छी शिक्षा..!

    जिलें के पातालकोट में निवास करने वाले आदिवासी भारिया समाज के बच्चों के उत्थान के लिए सरकार लाखों करोड़ रुपए खर्च कर रही है ताकि इन भारिया समाज के बच्चों को अच्छी शिक्षा मिल सके, लेकिन जिलें में बैठे जनजाति विभाग के अधिकारी की उदासीनता के कारण आदिवासी बहुल क्षेत्र में आज भी कई शालाएं शिक्षक विहीन चल रही हैं, लेकिन जिले में बैठे जनजाति विभाग के अधिकारी कभी भी इन स्कूलों में शिक्षक की व्यवस्था नहीं करते है..

    आदिवासी ग्रामीणों क्षेत्र से शहरी क्षेत्र में कर लेते हैं शिक्षक ट्रांसफर..

    छिंदवाड़ा जिलें के आदिवासी बाहुल्य ग्रामों की शालाओं में कई ऐसे स्कूल है जंहा एक भी शिक्षक इन आदिवासी बच्चों को पढाने के लिए नहीं है, इसलिए आज आदिवासी बाहुल्य के स्कूल शिक्षक विहीन हो गयें है यंहा अतिथि शिक्षक के भरोसे ये स्कूल चल रहे है, लेकिन ऐसा नहीं कि इन स्कूलों में शिक्षक नहीं है ऐसे सैकड़ो शिक्षक हैं जिनकी मूल शाला आज भी आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में है लेकिन वह नेतागिरी एवं अधिकारियों से सेटिंग कर जिला मुख्यालय के आसपास की शालाओं में अटैचमेंट पर पदस्थ हैं,इसलिए जिलें के आदिवास बाहुल्य क्षेत्र में आज आदिवासी समाज के बच्चों के भविष्य अंधकार में नजर आ रहा है


    प्राथमिक शाला गुढीछतरी में एक भी शिक्षक नहीं….

    तामिया ब्लॉक (पातालकोट) की गुढी छतरी प्राथमिक शाला में एक भी शिक्षक नही है, यह शाला शिक्षक विहीन है, यंहा अतिथि के भरोसे ये शाला संचालित हो रही है, अतिथि शिक्षक भी एक साथ सभी कक्षाओं के बच्चों को एक साथ बैठाकर सांप सीढ़ी के खेल के सहारे छात्रो को पढ़ाई करते देखा गया…

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