छात्रावास अधीक्षक ने बेरहमी से छात्रों को बांस के डंडे से किया पिटाई, छात्र घायल..?

Chautha Sthambh

छात्रों के पालक ने अनुसूचित जनजाति थाने में किया शिकायत…?

छिंदवाड़ा (चौथा स्तंभ ) मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिलें में जनजातीय विभाग द्वारा संचालित छात्रावास में इन दिनों छात्रों के साथ प्रताड़ना की खबरें आम बात हो गई है ऐसा ही मामला आज देखने को मिला छिंदवाड़ा स्थित सीनियर आदिवासी संयुक्त बालक छात्रावास में जहां अधीक्षक के द्वारा बेरहमी से तीन छात्रों की पिटाई का मामला सामने आया है,

अधीक्षक ने बांस के डंडे से छात्रों की पिटाई…?
सीनियर संयुक्त बालक छात्रावास छिंदवाड़ा में आज अधीक्षक की हैवानियत देखने को मिली जंहा नाबालिक छात्रों को बांस के डंडे से तीन छात्रों की बेरहमी से पिटाई कर दी जिसकी शिकायत लेकर आज छात्र एवं उनके पालक सहायक आयुक्त कार्यालय पहुंचे और अधीक्षक सुनील सोनी की शिकायत की है, छात्रों ने गंभीर आरोप लगाए है छात्रों को कहना है कि उन्हें झूठे आरोप लगाकर बुरी तरह पीटा गया और छात्रावास से निकाल दिया गया, इन छात्रों के साथ अधीक्षक सुनील सोनी से बेरहमी से किया है मारपीट छात्रों के नाम है,आशिक धुर्वे (19) ब्रजमोहन धुर्वे (16 नाबालिक ) और विमलेश धुर्वे (16 नाबालिक )शामिल है सभी छात्र अनुसूचित जनजाति (गोंड) के छात्र है और छिंदवाड़ा स्थित आदिवासी छात्रावास में रह रहे थे…

छात्रों का आरोप अधीक्षक ने हमारे साथ लकड़ी के डंडे से मारपीट…
छात्रों ने अधीक्षक सुनील सोनी पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि छात्रावास में लगे दो सीसीटीवी कैमरे टूटे पाए गए थे तो अधीक्षक सुनील सोनी सर ने हम तीनों को बुलाकर कैमरा तोडने का आरोप लगाया और हमारे द्वारा इंकार करने के बावजूद अधीक्षक सर ने बांस की लकडी से पीटा… अधीक्षक के द्वारा बेरहमी से पिटाई के बाद छात्रों के हाथ, पीठ और शरीर पर चोटें आई है

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  • अधीक्षक ने छात्रों को कहा तुम्हे जेल भेजूंगा… बुलाया 100 डायल पुलिस…
    छात्रावास अधीक्षक के द्वारा इतनी बेरहमी से पिटाई के बाद भी अधीक्षक का मन नहीं भरा तो उन्होंने छात्रों को धमकाते हुए कहा कि तुम्हें अब जेल भेजेगा और 100 डायल पुलिस को बुला लिया,पुलिस ने आपसी सुलह का सुझाव दिया, इसके बाद अधीक्षक ने छात्रों को बारिश में बिना खाना दिए छात्रावास से बाहर निकाल दिया..

    छात्रावास अधीक्षक ने कहा जाओ जंहा मरना है मरो”..?
    छात्रों ने बताया कि अधीक्षक ने कहा कि जाओ जंहा मरना है मरो, मुझे कोई मतलब नहीं है.. एक छात्र ने बताया कि माता पिता नही है और वह परीक्षा के दौरान कहा जाएगा,लेकिन फिर भी अधीक्षक ने मारपीट करते हुए उन्हें बाहर निकल दिया एक नही सुनी…

    अधीक्षक कहते है कि तुम गवार जाति के हो कभी नहीं सुधरोगे…?

    छात्रावास अधीक्षक के द्वारा इन दिनों आदिवासी छात्रो के साथ अत्याचार हो रहा है ऐसा ही मामला देखने को मिला छिंदवाड़ा मुख्यालय में स्थित सीनियर संयुक्त बालक छात्रावास में जंहा अधीक्षक के द्वारा छात्रों के साथ मारपीट और प्रताड़ित करने की घटना सामने आई है और इन बच्चों को जाति सूचक शब्द से गाली गलौज करते हुए अधीक्षक कहते हैं कि तुम गवार हो कभी नहीं सुधरोगे ये बात छात्र और उनके पालक ने बताया है.. और जिसकी शिकायत इन छात्रों के द्वारा जनजातीय विभाग के सहायक आयुक्त कार्यालय में किया है..!

    छात्रावास परिसर का कैमरा तोड़ने के बहाने अधीक्षक ने किया छात्रों की पिटाई …

    जिला मुख्यालय में स्थित सीनियर संयुक्त बालक छात्रावास अधीक्षक ने छात्रों को छात्रावास में लगे कैमरे को तोड़ने की बात पर तीन छात्र के साथ बेरहमी से पिटाई किया जबकि छात्र बोलते रहे कि सर हमने नहीं तोड़े हैं कैमरा, छात्रों के इंकार करने के बावजूद अधीक्षक ने बांस की लकडी से पीटा, पिटाई में छात्रों को हाथ, पीठ और शरीर पर चोटें आई है….

    छात्रों को जेल भेजनें की दे रहे धमकी अधीक्षक..ने बुलाया100 डायल पुलिस

    आदिवासी समाज के बच्चों के साथ अधीक्षक इन दिनों अत्याचार करने से भी नहीं डर रहे हैं और तो और छात्रावास में रहने वाले छात्रों के साथ बेरहमी से पिटाई के बाद उन्हें जेल भेजने की धमकी दे रहे है,, जिला मुख्यालय में संचालित सीनियर संयुक्त बालक छात्रावास में आज एक बड़ी घटना सामने आई है जंहा एक अधीक्षक ने बच्चों को जेल भेजनें के लिए 100 डायल पुलिस को भी बुला और छात्रों को जेल भेजनें की बात कही, लेकिन पुलिस ने आपसी सुलह का सुझाव दिया,

    अधीक्षक ने छात्रों को बारिश में बिना खाना दिए छात्रावास से बाहर निकाल…?

    इन दिनों जिलें में जनजातीय विभाग द्वारा संचालित छात्रावासों में अधीक्षक की दबंगई देखने को मिल रही है, अधीक्षक के द्वारा मारपीट करने के बाद, छात्रों को पुलिस से डराया धमकाया जा रहा है और उन्हें जेल भेजने की धमकी दी जा रही है और अधीक्षक ने छात्रावास में रहने वाले गरीब आदिवासी बच्चों को विभाग के उच्च अधिकारी को सूचना दिए बगैर छात्रावास से बारिश में बिना खाना दिए छात्रावास से बाहर निकाल दिया..

    छात्रों ने लगया गंभीर आरोप…

    छात्रों ने बताया कि अधीक्षक सुनील सोनी कहता है कि जाओ जंहा मरना है मरो” जंहा जाना है जाओ, जंहा मरना है मरो, मुझे कोई मतलब नहीं है, ऐसे कई छात्र मर गयें मेरा कुछ नही होगा..!

    छात्रों का कहना साहब माता पिता नहीं है…?
    छात्रावास में रहने वाला एक छात्र ने बताया कि उसके माता- पिता नहीं है और वह परीक्षा के दौरान कहा जाएगा, लेकिन फिर भी अधीक्षक ने उसकी एक नहीं सुनी, और कहा तो कहीं भी मार मुझे कोई मतलब नहीं…

    छात्रों का आरोप, बिना परिवार को सूचना दिए, छात्रावास से कर दिया बेदखल…

    छात्रों का आरोप है कि हमारे परिवार वालों को बिना सूचना दिए ही छात्रावास से बेदखल कर दिया गया है और हमें दो दिनों से बिना भोजन पानी के हम भटक रहे है.

    छात्रों ने अनुसूचित जनजाति थाने में किया शिकायत….
    छात्रों के साथ संयुक्त बालक छात्रावास अधीक्षक सुनील सोनी ने बेरहमी से मारपीट किया था जिसकी शिकायत आज छात्रों के अभिभावक ने अनुसूचित जनजाति थाने में जाकर शिकायत दर्ज कराई है और ऐसे अधीक्षक के खिलाफ एसटीएससी की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज करने की गुहार लगाई…

    सहायक आयुक्त से दूरभाष पर हुई चर्चा…

    जब इस पूरे मामलों में जनजातीय विभाग के सहायक आयुक्त सतेंद्र सिंह मरकाम से बात हुई तो उनका कहना है कि में अभी दिल्ली में विभागीय काम में आया हुँ लेकिन में इसकी तत्काल क्षेत्र संयोजक से इस मामलों की जाँच करता हुँ, और में कल वापस आकर खुद इस विषय की जांच करुंगा, और यदि कोई भी अधीक्षक ऐसे छात्रों को प्रताड़ित एंव मारपीट करेगा तो कठोर से कठोर कार्रवाई की जाएगी

    सत्येंद्र सिंह मरकाम सहायक आयुक्त जनजाति कार्य विभाग छिंदवाड़ा

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