आदिवासी बालक आश्रम हर्रई में 20 बच्चों को पढाने तीन शिक्षक और एक अधीक्षक….
बालक आश्रम शाला में 20 बच्चों को पढ़ाते हैं तीन शिक्षक…?
छिंदवाड़ा (चौथा स्तंभ) जिलें के तामिया, जुन्नारदेव और हर्रई के कई स्कूल जहां शिक्षकों की भारी कमी से जूझ रहे हैं। वहीं हर्रई मुख्यालय के आदिवासी बालक आश्रम शाला
में तीन शिक्षक मिलकर 20 बच्चों को पढ़ा रहे हैं। शिक्षा की इस सरकारी ढर्रे और बदहाल स्थिति ने पूरे एजुकेशन सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिलें के कई
प्राथमिक विद्यालय का भविष्य खतरे में नजर आता है। इस मामले में जिम्मेदार भी जमकर कोताही बरत रहे हैं। इस वजह से क्षेत्र में स्कूली शिक्षा के बुरे हाल हैं।
हर्रई मुख्यालय में स्थित आदिवासी बालक आश्रम शाला 50 बच्चे यहां रहकर पढ़ाई करते हैं लेकिन दुर्भाग्य कि यहां पर पूरे 50 बच्चे भी नहीं है जो इस साल बढ़ने के बजाए घट कर केवल 20 बच्चे ही बचे हैं। इनको पढ़ाने के लिए यहां तीन अतिथि शिक्षक पदस्थ किए गए हैं। हर्रई में बच्चे ही न हो इसलिए ऐसी नौबत आ गई हो ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। ये स्थिति शिक्षकों (अधीक्षक) के उदासीन रवैये से बनी है। आदिवासी समाज के बच्चों के यह आश्रम शाला संचालित होती है ।

