प्राथमिक शाला पलौरा में छात्र शराबी शिक्षक से परेशान हैं.
बच्चों के भविष्य को अंधकार में झोंक रहा शराबी शिक्षक..
छिंदवाड़ा (चौथा स्तंभ ) मध्यप्रदेश में सरकार चाहे नौनिहालों का भविष्य गढ़ने के लिए पानी की तरह पैसा बहाए,लेकिन नौनिहालों का भविष्य संवारने की जिम्मेदारी जिन पर हैं,वो खुद ही बहक चुके हैं. स्कूल में मास्टर साब के शराब पीने के मामले आपने इस साल कई जगहों के देखें होंगे,उन्हीं घटनाओं में अब एक और मामला जुड़ चुका है. ये घटना है पलौरा प्राथमिक शाला,संकुल केंद्र खमारपानी विकासखंड बिछुआ जहां के शासकीय प्राथमिक शाला के शिक्षक नशे में धुत होकर बच्चों को पढ़ाने पहुंचते हैं.

शराबी शिक्षक ने तोड़ी उम्मीदें :पलौरा गांव में जब प्राथमिक शाला की स्थापना हुई थी तब ग्रामीणों में उम्मीद की लहर दौड़ गई थी. लोगों ने सोचा था कि अब उनके बच्चों को शिक्षा का उजाला मिलेगा.वे भी पढ़-लिखकर जिले और राज्य का नाम रोशन करेंगे. लेकिन ये सपने तब टूटने लगे जब बच्चों को सही रास्ता दिखाने वाले शिक्षक खुद ही रास्तों में डगमगाक गिरने लगे.
शराबी शिक्षक के जिम्मे बच्चों का भविष्य..
शराबी शिक्षक से छात्रा एंव अभिभावक परेशान : प्राथमिक विद्यालय में तैनात शिक्षक बलवंत उईके अधिकतर समय शराब के नशे में रहते हैं. कभी लड़खड़ाते हुए कक्षा में आते हैं, तो कभी छात्रों पर चिल्लाते हैं.कई बार शिक्षक की हरकतें इतनी आपत्तिजनक हो जाती हैं कि बच्चों असहज महसूस करती हैं. और प्रतिदिन शराब का सेवन कर उपस्थित होते हैं और हस्ताक्षर कर शाला से चले जाते है..
जनजातीय विभाग की ओर से समय-समय पर मॉनिटरिंग और निरीक्षण की बात तो कही जाती है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है.
शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलना उसका हक…..
शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) के तहत हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलना उसका हक है, लेकिन जब शिक्षक ही नशे में धुत होकर बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करें, तो इस नियम को मजाक से ज्यादा कुछ नहीं समझा जा सकता. बिछुआ जैसे आदिवासी और पिछड़े क्षेत्रों में शिक्षा की लौ जलाना जितना जरूरी है, उससे कहीं अधिक जरूरी है ऐसे शराबी और गैर-जिम्मेदार शिक्षकों पर तत्काल कार्रवाई करना.
बच्चों के भविष्य को अंधकार में झोंक रहा शराबी शिक्षक…
जिलें के ग्रामीण क्षेत्र के स्कूल के बच्चों का भविष्य को अंधकार में झोंक रहा शराबी शिक्षक सहायक आयुक्त ने दिया कार्रवाई का भरोसा : इस पूरे मामले में ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से स्कूल में किसी भी उच्चाधिकारी का औचक निरीक्षण नहीं हुआ है. ऐसे में शराबी शिक्षक की लापरवाहियों को बढ़ावा मिल रहा है. जब इस विषय को लेकर मीडिया ने सवाल उठाया और मामले को सहायक आयुक्त के संज्ञान में लाया गया, तब जाकर अधिकारियों की नींद टूटी. सहायक आयुक्त ने कहा कि जांच कर आवश्यक कार्रवाई करते हुए शिक्षक को निलंबित कर दिया गया है…

शराबी शिक्षक बलवंत उईके हुआ निलंबित
प्राथमिक शाला पलौरा संकुल केंद्र खमारपानी के बारे में जानकारी मिली है. जिसके बाद विकासखंड शिक्षा अधिकारी द्वारा निरीक्षक करा गया था, जिसमें पाया गया कि शिक्षक शराब के नशे में स्कूल आता है, जिसके बाद कारण बताओ सूचना पत्र जारी कर उत्तर चाहा गया किन्तु बलवंत उईके प्राथमिक शिक्षक ने कारण बताओ सूचना पत्र का उत्तर प्रस्तुत नहीं किया गया। श्री बलवंत उइके प्राथमिक शिक्षक, का उक्त कृत्य मध्य प्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम (एक) (दो) (तीन) के विपरीत होकर कदाचरण की श्रेणी में आता है।
अतः श्री बलवंत उइके प्राथमिक शिक्षक को मध्य प्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण नियंत्रण एव अपील) नियम 1966 के नियम 9 के उपनियम (2) में दिये गये प्रावधानों के तहत निलंबित किया जाता है।
निलंबन अवधि में श्री बलवंत उइके प्राथमिक शिक्षक का मुख्यालय विकास खंड शिक्षा अधिकारी जुन्नारदेव नियत किया जाता है।
निलंबन अवधि अतः श्री बलवंत उइके प्राथमिक शिक्षक कों नियमानुसार निलंबन भत्ते की पात्रता होगी।
रिपोर्ट -ठा. रामकुमार राजपूत
मोबाइल-8989115284

