केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने जारी किए आंकड़े…
भोपाल (चौथा स्तंभ ) मध्यप्रदेश में पहली से 12वीं तक के 6.70 लाख विद्यार्थियों ने पढ़ाई छोड़ दी है। इन्होंने किसी भी स्कूल में प्रवेश नहीं लिया है। 33,582 करोड़ बजट वाले विभाग की यह स्थिति नए शैक्षणिक सत्र शुरू होने के दो महीने तक स्कूल लगने के बाद सामने आई है। राजधानी की स्थिति भी बेहद चिंताजनक है। प्रदेश के सभी जिलों में भोपाल नामांकन में सबसे पीछे यानी 49वें नंबर पर है।
यह आंकड़ा केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के तहत यूनिफाइड डिस्ट्रिक्ट इंफॉर्मेशन सिस्टम फॉर एजुकेशन (यूडाईस) रिपोर्ट में सामने आया है। इसके अनुसार प्रदेश के निजी व सरकारी स्कूलों में पहली से 12वीं तक वर्ष 2024-25 में करीब 1.50 करोड़ से अधिक विद्यार्थियों का पंजीयन था। मप्र में नवीन शैक्षणिक सत्र 2025-26 की शुरुआत एक अप्रैल से हो चुकी है। एक महीने के ग्रीष्मकालीन अवकाश शुरू हो गए थे।
फैक्ट फाइल प्रदेश में कुल स्कूलों की संख्या 1,21,954
सत्र 2025-26 के लिए रजिस्ट्रेशन 1,50,32,810 रजिस्ट्रेशन प्रोवोशन पेडिंग 1,00,41,730
किसी भी स्कूल में प्रवेश नहीं लेने वाले 6,70,182 प्रदेश में शत-प्रतिशत एडमिशन वाले 19,660
राजधानी में कुल स्कूलों की संख्या 2811
43.20 लाख रजिस्ट्रेशन
साल 2024-25 में पंजीकृत विद्यार्थियों की संख्या की तुलना में 13 जून 2025 की स्थिति में वर्ष 2025-26 में 43 लाख 20 हजार 898 विद्यार्थियों का रजिस्ट्रेशन हुआ है, जबकि 1 करोड़ 41 हजार 730 विद्यार्थियों का रजिस्ट्रेशन प्रोग्रेशन पेडिंग है।
भोपाल 49वें नंबर पर
- विभाग की सूची में स्टूडेंट प्रोगेशन में टॉप टेन व बॉटम 20 जिलों की सूची भी जारी की है। सूची में भोपाल जिले का 49वां नंबर है। टॉप 10 जिलों में पहले नंबर पर निवाड़ी, पांढुर्ना, बड़वानी, होशंगाबाद, उमरिया, मैहर, शिवपुरी, हरदा, इंदौर, छिंदवाड़ा, अनूपपुर, मंडला, भिंड, खंडवा, सिंगरौली, उज्जैन, रायसेन, नीमच, बालाघाट, खरगोन शामिल है।
यह विभाग की सालाना प्रोग्रेस रिपोर्ट है। कई छात्र प्रदेश के बाहर चले जाते हैं। फिर भी अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं, नामांकन कम होने की स्थिति का आंकलन करें।
उदयप्रताप सिंह, मंत्री, स्कूल शिक्षा विभाग